फ्रांस में बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के बीच भारत ने जारी की यात्रा सलाह
फ्रांस में आंतरिक संकट और भारत की यात्रा सलाह
फ्रांस, जो इस समय गंभीर आंतरिक चुनौतियों का सामना कर रहा है, में विरोध प्रदर्शनों की लहर चल रही है। देशभर में हिंसा और तनाव के हालात को देखते हुए, भारत सरकार ने वहां रहने वाले अपने नागरिकों के लिए एक आधिकारिक यात्रा सलाह जारी की है। इस सलाह में लोगों को भीड़-भाड़ वाले स्थानों से दूर रहने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
10 अक्टूबर को जारी इस सलाह में भारतीय दूतावास ने नागरिकों को सूचित किया है कि किसी भी आपात स्थिति में वे पेरिस स्थित दूतावास से +33 6 48 34 00 63 पर संपर्क कर सकते हैं या cons.paris@mea.gov.in पर ईमेल कर सकते हैं। इसके अलावा, मार्सिले में स्थित कॉन्सुलेट जनरल से भी संपर्क किया जा सकता है।
इस सलाह में कहा गया है, "फ्रांस में हाल के घटनाक्रमों और कुछ क्षेत्रों में लागू कर्फ्यू को देखते हुए, कृपया सतर्क रहें और सावधानी बरतें।" इसके साथ ही, यह भी कहा गया है कि उन स्थानों पर जाने से बचें जहां विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।
फ्रांस में विरोध प्रदर्शनों की स्थिति
फ्रांस इस समय पिछले कई वर्षों के सबसे गंभीर विरोध प्रदर्शनों का सामना कर रहा है। प्रशासन उन प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने में जुटा है, जो बढ़ती महंगाई और स्कूलों की स्थिति को लेकर विरोध कर रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, पिछले सप्ताह 2,400 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया, जिन्होंने पुलिस के साथ झड़प की और कई वाहनों और इमारतों में आग लगा दी।
पेरिस में बुधवार को रात का नया कर्फ्यू लागू किया गया है। पुलिस ने बिना पूर्व सूचना के सार्वजनिक रूप से इकट्ठा होने पर चेतावनी दी है। इसके अलावा, गुरुवार को पेरिस के कुछ हिस्सों में सुबह 8:00 बजे से रात 8:00 बजे तक विरोध प्रदर्शनों पर रोक लगा दी गई है।
मैक्रों और ट्रंप के बीच जुबानी जंग
फ्रांस में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, और इसी बीच फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच जुबानी जंग छिड़ गई है। मैक्रों ने ट्रंप पर आरोप लगाया कि वे अमेरिका के मध्यावधि चुनावों में राजनीतिक लाभ के लिए दंगों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
दोहा में पत्रकारों से बात करते हुए मैक्रों ने कहा, "कुछ लोग फ्रांस को नुकसान पहुंचाकर अपना प्रचार करते हैं।" ट्रंप ने इन दंगों को "प्रवासियों, जिहादियों और कम्युनिस्टों" से जोड़ा था और मैक्रों के बयानों को "साजिशपूर्ण" करार दिया।
ट्रंप ने 'X' (ट्विटर) पर लिखा, "पिछले शनिवार को हमने जो तस्वीरें देखीं, वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से नहीं बनी थीं: वे उस दुखद सच्चाई को दिखाती हैं कि मैक्रों के 10 साल के शासन के बाद फ्रांस की हालत क्या हो गई है।"
अधिक जानकारी के लिए
Stay updated with International News in Hindi on Prabhasakshi
