फ्लाईदुबई के कॉकपिट में हिंसा: ओमानी को-पायलट पर लगे गंभीर आरोप
नई दिल्ली में फ्लाईदुबई की उड़ान पर बड़ा खुलासा
नई दिल्ली: फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 के कॉकपिट में हुई हिंसक घटना के संबंध में एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। सऊदी अरब ने इस विमान के ओमानी सह-पायलट को संयुक्त अरब अमीरात को सौंप दिया है, जिस पर आरोप है कि उसने उड़ान के दौरान कैप्टन पर हमला कर विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने का प्रयास किया।
हिंसक झड़प के दौरान कैप्टन को गंभीर चोटें आईं
यह विमान दुबई से तेल अवीव की ओर उड़ान भर रहा था, जब अचानक कॉकपिट में दोनों पायलटों के बीच झगड़ा हो गया। इस झगड़े में कैप्टन स्मित मच्छार को गंभीर चोटें आईं। आरोप है कि ओमानी सह-पायलट ने ही कैप्टन पर हमला किया। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या सह-पायलट ने जानबूझकर विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेने या उसे दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश की थी।
सऊदी अरब में इमरजेंसी लैंडिंग
इस झगड़े के बाद विमान को तुरंत सऊदी अरब के तबूक शहर की ओर मोड़ दिया गया, जहां इसे सुरक्षित लैंड किया गया। लैंडिंग के बाद, सऊदी अधिकारियों ने ओमानी सह-पायलट को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की और बाद में उसे यूएई के अधिकारियों के हवाले कर दिया।
जांच में हमले की पुष्टि
सऊदी गृह मंत्रालय के अनुसार, यूएई की सुरक्षा टीमों के साथ की गई प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि उड़ान के दौरान सह-पायलट ने कैप्टन पर हमला किया था। मंत्रालय ने बताया कि दोनों पायलटों को चोटें आई थीं, जिसके बाद उनका अस्पताल में इलाज किया गया। स्वास्थ्य में सुधार के बाद, दोनों गुरुवार सुबह अबू धाबी के लिए रवाना हो गए।
यूएई की जांच प्रक्रिया
यूएई ने भी इस घटना की अपनी जांच शुरू कर दी है। वहां की न्यायिक एजेंसियां कॉकपिट में हुई झड़प की परिस्थितियों की जांच करेंगी, ताकि यह पता चल सके कि विमान को इमरजेंसी लैंडिंग क्यों करनी पड़ी। यूएई के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह इस मामले पर ध्यान दे रहा है और जांच न्यायिक अधिकारियों द्वारा की जाएगी।
भारतीय दूतावास की सक्रियता
भारतीय दूतावास के अनुसार, यूएई में भारत के राजदूत दीपक मित्तल ने अस्पताल जाकर कैप्टन मच्छार और उनके परिवार से मुलाकात की। दूतावास ने सोशल मीडिया पर बताया कि कैप्टन की सेहत में तेजी से सुधार हो रहा है। दूतावास यह सुनिश्चित कर रहा है कि स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर कैप्टन को उचित इलाज और देखभाल मिलती रहे। वर्तमान में जांच एजेंसियां यह समझने में जुटी हैं कि कॉकपिट में उस दिन वास्तव में क्या हुआ था।
