बलूच विद्रोहियों का पाकिस्तान पर नया हमला: कोस्ट गार्ड के 13 जवान ढेर
पाकिस्तान के लिए बढ़ती चुनौतियाँ
पाकिस्तान के लिए बलूच विद्रोही अब एक गंभीर समस्या बन चुके हैं। बलूचिस्तान के लड़ाकों ने पहले ही पाकिस्तानी सैनिकों को भारी नुकसान पहुँचाया है। हाल ही में कराची और होर्मज के बीच के समुद्री क्षेत्र में बलूचों ने 13 पाकिस्तानी कोस्ट गार्ड को गोलियों से भून दिया। यह हमला अरब सागर में हुआ, जहाँ पाकिस्तानी कोस्ट गार्ड को इन हमलों की कोई जानकारी नहीं थी। आईएसआई के खुफिया एजेंट भी इस घटना से अनजान रहे, जबकि बलूच विद्रोहियों ने समुद्र में खून की होली खेली। इस रिपोर्ट में हम चर्चा करेंगे कि कैसे बलूच लड़ाकों ने समुद्र में इस तरह का हमला किया। हर बार की तरह, इस बार भी पाकिस्तानी सेना की स्थिति बेहद कमजोर हो गई है, और वे कोई आधिकारिक बयान देने की स्थिति में नहीं हैं। 2026 पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के लिए एक शर्मनाक वर्ष साबित हो रहा है, जहाँ उनकी सेना हर मोर्चे पर हार रही है।
समुद्री हमले की रणनीति
बलूच विद्रोही अब पाकिस्तान के समुद्री गलियारे में घुसकर उसकी नौसेना और कोस्ट गार्ड पर हमले कर रहे हैं। जिस समुद्र को पाकिस्तान अपनी अर्थव्यवस्था का आधार मानता था, अब वही बलूच विद्रोहियों के लिए एक युद्ध का मैदान बन गया है। बीएलए के प्रवक्ता जिहाद बलोच के अनुसार, बीएलए के नौसैनिक विंग एचएमडीएफ के लड़ाकों ने जिवानी तटीय क्षेत्र में गश्त कर रही पाकिस्तानी कोस्ट गार्ड की दो बड़ी नावों को चारों ओर से घेर लिया। इसके बाद हुए हमले में दोनों नावें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं और मौके पर ही 13 पाकिस्तानी जवान मारे गए। यह घटना 13 अप्रैल 2026 को हुई थी, जब बीएलए ने अपनी समुद्री लड़ाकू इकाई का गठन किया था।
पाकिस्तानी सेना की स्थिति
पाकिस्तानी सेना के आंकड़ों के अनुसार, 2026 की शुरुआत से ही उनकी स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। इस वर्ष के पहले सात महीनों में ही 500 से अधिक सैनिक मारे गए हैं। जुलाई 2026 में तो स्थिति और भी गंभीर हो गई, जब केवल 30 दिनों में 112 सैनिकों की लाशें उनके घर पहुंची। बीएलए और बलूच विद्रोहियों के लगातार हमलों ने पाकिस्तानी सेना को अपने ही ठिकानों पर छिपने के लिए मजबूर कर दिया है। तटीय क्षेत्रों से लेकर आंतरिक शहरों तक, पाकिस्तानी सेना पूरी तरह से बैकफुट पर है। हर हार के बाद, पाकिस्तान का पुराना तरीका सच को छुपाना होता है। इस बार भी पाकिस्तानी सैन्य कमान ने अपनी नाकामी पर पर्दा डालने के लिए चुप्पी साध रखी है।
