बलूचिस्तान में बढ़ती हिंसा: पाकिस्तानी सेना और विद्रोहियों के बीच संघर्ष
बलूचिस्तान में संघर्ष की स्थिति
बलूचिस्तान एक बार फिर गंभीर संकट में है, जहां चारों ओर चीख-पुकार, धुएं और आग की लपटें दिखाई दे रही हैं। पाकिस्तानी सेना और बलूच अलगाववादियों के बीच एक भयंकर संघर्ष शुरू हो चुका है, जिसने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया है। एक ओर, पाकिस्तानी सेना हवाई हमलों के जरिए बमबारी कर रही है, वहीं दूसरी ओर, बलूच विद्रोही पाकिस्तानी चौकियों को निशाना बना रहे हैं। सुरा से लेकर चगाई और खुजदार तक, पूरा बलूचिस्तान युद्ध का मैदान बन चुका है। रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तानी सेना ने रिहायशी इलाकों पर F16 लड़ाकू विमानों से बमबारी की है।
सोशल मीडिया पर खौफनाक तस्वीरें
बलूच एक्टिविस्ट मीर यार बलूच ने सोशल मीडिया पर कुछ भयावह तस्वीरें और वीडियो साझा किए हैं, जिसमें दावा किया गया है कि सुराब और उसके आसपास के क्षेत्रों में पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने अंधाधुंध गोलियां और बम गिराए हैं। कई घर तबाह हो चुके हैं और निर्दोष लोग मलबे में दब गए हैं। हालांकि, इन हवाई हमलों के आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन जमीनी हालात बेहद दर्दनाक हैं। दूसरी ओर, पाकिस्तानी सेना का कहना है कि उसने एक बड़े सुरक्षा अभियान में 10 बलूच विद्रोहियों को मार गिराया है।
आम नागरिकों पर असर
सेना इसे अपनी बड़ी सफलता मानती है, लेकिन सच्चाई यह है कि इस खूनी संघर्ष में सबसे अधिक नुकसान आम नागरिकों को हुआ है, जो हर दिन डर के साए में जीने को मजबूर हैं। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने पाकिस्तानी सेना के हमलों का जवाब देते हुए चगाई जिले में पुलिस स्टेशन पर हमला किया। झाव क्षेत्र में सेना के कैंप को निशाना बनाया गया और कुछ स्थानों पर पाकिस्तानी सेना के काफिले को उड़ाने का दावा किया गया है। बलूच विद्रोही अब सीधे सामने आकर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के ठिकानों पर हमला कर रहे हैं।
संघर्ष की गंभीरता
बलूचिस्तान अब एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है जहां वापसी का कोई रास्ता नहीं दिखता। एक ओर, पाकिस्तानी सेना इस आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है, जबकि दूसरी ओर, बलूच लड़ाके आखिरी सांस तक लड़ने की कसम खा चुके हैं।
