बलूचिस्तान में सुरक्षा संकट: नागरिकों की सुरक्षा पर बढ़ी चिंता
खारान में सुरक्षा स्थिति गंभीर
नई दिल्ली: बलूचिस्तान के खारान क्षेत्र में सुरक्षा हालात तेजी से बिगड़ते जा रहे हैं। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, लज्जे इलाके में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा एक बड़ा अभियान चलाया जा रहा है। इस कार्रवाई में जमीनी सैनिकों के साथ-साथ लड़ाकू हेलीकॉप्टरों और सैन्य ड्रोन का भी उपयोग किया जा रहा है। इस अभियान के चलते आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि एक ड्रोन हमले में एक स्थानीय किसान की जान चली गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हो सकते हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
सुरक्षा बलों की कार्रवाई का दायरा बढ़ा
सुरक्षा बलों की कार्रवाई केवल खारान तक सीमित नहीं है। बलूचिस्तान के अन्य संवेदनशील जिलों में भी जमीन और हवा से अभियान चलाए जाने की सूचनाएं मिल रही हैं। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि उग्रवादियों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई के दौरान आम नागरिक और चरवाहे भी प्रभावित हो रहे हैं। लगातार सैन्य गतिविधियों और ड्रोन की उपस्थिति से इलाके में भय का माहौल बना हुआ है।
पाकिस्तानी अधिकारियों का दावा
पाकिस्तानी सुरक्षा अधिकारियों और सरकारी मीडिया का कहना है कि लज्जे में खुफिया जानकारी के आधार पर चलाए गए 'ऑपरेशन रद-उल-फितना 3' में कम से कम सात उग्रवादी मारे गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान में कई उग्रवादी ठिकानों को भी नष्ट किया गया है।
अगस्त में बिगड़े हालात
अगस्त 2026 में बलूचिस्तान में सुरक्षा स्थिति और भी तनावपूर्ण हो गई है। उग्रवादी हमलों के जवाब में सुरक्षा बलों की कार्रवाई, बुनियादी ढांचे को नुकसान और लगातार हिंसा ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रतिबंधित बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने अगस्त के पहले दो हफ्तों में कई हमलों की जिम्मेदारी ली है। संगठन का दावा है कि उसने पाकिस्तानी सेना के काफिलों और चौकियों को निशाना बनाया है। इसी दौरान एक प्रमुख गैस पाइपलाइन को नुकसान पहुंचने से क्वेटा समेत कई जिलों में प्राकृतिक गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे स्थानीय लोगों की परेशानियां और बढ़ गई हैं।
नागरिक संगठनों का विरोध
सुरक्षा अभियान के साथ-साथ बलूचिस्तान में नागरिक अधिकारों के लिए विरोध भी जारी है। बलूच एकजुटता समिति (BYC) जैसे संगठनों से जुड़े प्रदर्शनकारियों में युवा, महिलाएं और मध्यम वर्ग के लोग शामिल हैं। प्रदर्शनों में लापता लोगों का पता लगाने, सैन्य कार्रवाई पर रोक और नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा की मांग की जा रही है। कई स्थानों पर सड़कें रोककर प्रदर्शन किए जाने की भी खबरें हैं।
प्रदर्शनकारियों को हटाने के दौरान बल प्रयोग, गिरफ्तारियों और गोलीबारी के आरोपों ने स्थानीय लोगों और सरकार के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है। ऐसे में बलूचिस्तान में सुरक्षा अभियान के साथ मानवीय स्थिति भी चिंता का विषय बनी हुई है।
