Newzfatafatlogo

बांग्लादेश ने BRICS समिट में भागीदारी से किया इनकार, जानें क्यों?

बांग्लादेश ने BRICS समिट के आउटरीच सेशन में भाग लेने का निमंत्रण ठुकरा दिया है, क्योंकि यह निमंत्रण प्रधानमंत्री तारिक रहमान को व्यक्तिगत रूप से नहीं दिया गया था। विदेश मामलों के राज्य मंत्री हुमायूं कबीर ने स्पष्ट किया कि सरकार के पास प्रतिनिधि भेजने का कोई आधार नहीं है। इस निर्णय के पीछे भारत-बांग्लादेश संबंधों में चल रहे तनाव और अन्य मुद्दों का भी हाथ है। जानें इस मामले में और क्या कहा गया है और भारत की प्रतिक्रिया क्या रही है।
 | 

बांग्लादेश का BRICS समिट में शामिल न होने का निर्णय


नई दिल्ली: बांग्लादेश ने BRICS समिट के आउटरीच सेशन में भाग लेने का निमंत्रण स्वीकार करने से मना कर दिया है। ढाका का कहना है कि यह निमंत्रण प्रधानमंत्री तारिक रहमान को व्यक्तिगत रूप से नहीं, बल्कि BIMSTEC के वर्तमान अध्यक्ष को दिया गया था। इस कारण, बांग्लादेश की ओर से प्रधानमंत्री या किसी अन्य प्रतिनिधि के समिट में शामिल होने की संभावना नहीं है।


बांग्लादेश के विदेश मामलों के राज्य मंत्री हुमायूं कबीर ने गुरुवार को संवाददाताओं से कहा कि चूंकि प्रधानमंत्री को व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित नहीं किया गया है, इसलिए किसी प्रतिनिधि को भेजने का सवाल ही नहीं उठता।


निमंत्रण का स्पष्टता

हुमायूं कबीर ने यह स्पष्ट किया कि बांग्लादेश सरकार को यह बताना आवश्यक है कि प्रधानमंत्री को BRICS समिट में शामिल होने के लिए अलग से आमंत्रित नहीं किया गया था। उनके अनुसार, भारत की ओर से निमंत्रण BIMSTEC के मौजूदा अध्यक्ष के लिए था। उन्होंने कहा कि यदि प्रधानमंत्री को आमंत्रित किया गया होता, तो बांग्लादेश उनकी भागीदारी पर विचार कर सकता था। लेकिन वर्तमान स्थिति में, सरकार के पास समिट में प्रतिनिधिमंडल भेजने का कोई आधार नहीं है।


BRICS समिट का आउटरीच सेशन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित होने वाला है, जिसमें BRICS के सदस्य देशों के नेताओं के अलावा कुछ अन्य देशों के आमंत्रित नेता भी शामिल होंगे।


भारत का दृष्टिकोण

भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पहले मीडिया ब्रीफिंग में बताया था कि बांग्लादेश के प्रधानमंत्री को BIMSTEC के मौजूदा अध्यक्ष के रूप में 18वें BRICS समिट के आउटरीच सेशन के लिए आमंत्रित किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री तारिक रहमान के लिए अलग द्विपक्षीय निमंत्रण फरवरी से ही मौजूद है। वहीं, हुमायूं कबीर ने कहा कि तारिक रहमान की भारत की पहली यात्रा बहुपक्षीय कार्यक्रम के तौर पर नहीं होगी। बांग्लादेश सरकार दोनों देशों के बीच प्रधानमंत्री की द्विपक्षीय यात्रा की तैयारी कर रही है और इसके लिए सही समय का इंतजार किया जा रहा है।


भारत-बांग्लादेश संबंधों में तनाव

भारत और बांग्लादेश के बीच कई मुद्दों को लेकर तनाव बना हुआ है। भारत में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की मौजूदगी और उनके प्रत्यर्पण की मांग के अलावा पानी के बंटवारे से जुड़े मुद्दे भी चर्चा का विषय हैं। इसके साथ ही, चीन और पाकिस्तान के साथ ढाका की बढ़ती नजदीकी को भी भारत-बांग्लादेश संबंधों में तनाव की एक वजह माना जा रहा है।


ओम बिरला की बांग्लादेश यात्रा

17 फरवरी को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला बांग्लादेश पहुंचे थे। उन्होंने 12 फरवरी को हुए आम चुनाव के बाद तारिक रहमान की BNP सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लिया था। ओम बिरला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से एक पत्र भी लेकर गए थे, जिसमें मोदी ने तारिक रहमान को नई जिम्मेदारी के लिए बधाई दी थी और उन्हें पत्नी तथा बेटी के साथ भारत आने का निमंत्रण दिया था।