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बांग्लादेश में शेख हसीना की वापसी की अटकलों के बीच हिंसा का मामला

बांग्लादेश में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की संभावित वापसी की खबरों के बीच पाबना जिले में हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं। पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच झड़प हुई, जिसमें अवामी लीग के कार्यकर्ताओं पर आरोप लगे हैं। फुटबॉल मैच के बाद हुई छापेमारी के दौरान कई लोग हिरासत में लिए गए, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस पर हमला किया। इस घटना में दो पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और इसके पीछे की कहानी।
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बांग्लादेश में हिंसा की घटनाएं


नई दिल्ली: बांग्लादेश में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की संभावित वापसी की खबरों के बीच पाबना जिले से हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं। गुरुवार की सुबह सुजानगर में पुलिस और स्थानीय निवासियों के बीच झड़प हुई। आरोप है कि प्रतिबंधित अवामी लीग के कार्यकर्ताओं ने लाउडस्पीकर के माध्यम से घोषणा कर भीड़ को इकट्ठा किया और पुलिस पर हमला किया।


फुटबॉल मैच के बाद हुई छापेमारी और हिंसा

सुजानगर थाना पुलिस के अनुसार, मथुरापुर क्षेत्र में दो गश्ती दलों ने छापेमारी की थी। पुलिस का दावा है कि अवामी लीग के कुछ नेता और कार्यकर्ता फुटबॉल विश्व कप के दौरान तोड़फोड़ की योजना बना रहे थे। इस छापेमारी में पुलिस ने 10 से 12 लोगों को हिरासत में लिया। इसके बाद मस्जिद के लाउडस्पीकर से घोषणा कर लोगों को बुलाया गया।


आरोप है कि इकट्ठा हुई भीड़ ने पुलिस पर हमला कर दिया। इस दौरान दो पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ की गई और हिरासत में लिए गए लोगों को छुड़ाने का प्रयास किया गया। इस झड़प में सुजानगर थाना प्रभारी मुजफ्फर हुसैन और कांस्टेबल सबुज हुसैन घायल हो गए, जिन्हें स्थानीय निजी अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया।


अवामी लीग नेता का आरोपों से इनकार

पुलिस ने सुजानगर उपजिला अवामी लीग के अध्यक्ष अब्दुल वहाब पर हमले में शामिल होने का आरोप लगाया है। हालांकि, वहाब ने इन सभी आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी के डर से वह पहले से ही जिले से बाहर हैं और पुलिस के कारण वह अपने इलाके में नहीं जा सकते।


वहाब के अनुसार, गांव के युवाओं ने रात में फुटबॉल मैच देखने के बाद खिचड़ी खाने का कार्यक्रम रखा था। इसी दौरान पुलिस पहुंची और कई लोगों को उठा ले गई। खबर फैलते ही स्थानीय लोग, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं, घरों से बाहर निकले और हिरासत में लिए गए लोगों को छुड़ाने का प्रयास किया।


आतंकवाद निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज

पाबना के पुलिस अधीक्षक सूफी उल्लाह ने बताया कि पुलिस पर हमले और आतंकवाद निरोधक कानून की धाराओं में अलग-अलग मामले दर्ज किए जा रहे हैं। दोनों घायल पुलिसकर्मियों का इलाज चल रहा है। एसपी ने कहा कि घटना में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है।


वीडियो और गवाहों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पूरे मामले की जांच जारी है। उल्लेखनीय है कि शेख हसीना के देश लौटने की अटकलों के चलते बांग्लादेश में अवामी लीग कार्यकर्ताओं में हलचल तेज हो गई है। इस बीच पाबना की यह घटना तनाव को और बढ़ा सकती है।