बीसीसीआई की दिव्यांग क्रिकेट को बढ़ावा देने की पहल
दिव्यांग क्रिकेट के लिए बीसीसीआई की नई पहल
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने दिव्यांग क्रिकेट को प्रोत्साहित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। बोर्ड ने अपने सभी सदस्य संघों से अपील की है कि वे दिव्यांग क्रिकेट खिलाड़ियों के विकास और कल्याण के लिए आवश्यक कदम उठाएं। दिव्यांग क्रिकेट परिषद भारत (डीसीसीआई) ने इस पहल का स्वागत किया है, इसे क्रिकेट को और अधिक समावेशी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।
बीसीसीआई के मानद सचिव देवजीत सैकिया ने 26 अक्टूबर को सभी सदस्य संघों को पत्र भेजकर दिव्यांग खिलाड़ियों की भागीदारी को बढ़ाने और उन्हें प्रोत्साहन देने का आग्रह किया। यह विषय 18 सितंबर को मुंबई में आयोजित बीसीसीआई की 95वीं वार्षिक आम बैठक में भी चर्चा का हिस्सा रहा था।
डीसीसीआई के सचिव रविकांत चौहान और संयुक्त सचिव अभय प्रताप सिंह ने बीसीसीआई के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने आशा जताई कि इस पहल से दिव्यांग क्रिकेट खिलाड़ियों को बेहतर अवसर मिलेंगे और उनकी प्रतिभा को पहचान मिलेगी।
रविकांत चौहान ने कहा कि, 'बीसीसीआई का यह कदम दिव्यांग क्रिकेट को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण है। इससे खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के अधिक अवसर मिलेंगे और उभरती प्रतिभाओं को निखारने में मदद मिलेगी।'
अभय प्रताप सिंह ने कहा कि, 'बीसीसीआई की यह पहल दिव्यांग क्रिकेट के विकास के प्रति सकारात्मक प्रतिबद्धता को दर्शाती है। हमें उम्मीद है कि राज्य क्रिकेट संघ इस दिशा में ठोस कदम उठाएंगे, जिससे खिलाड़ी अपनी क्षमता के अनुसार प्रदर्शन कर सकें।'
डीसीसीआई ने यह भी कहा कि इस पहल की सफलता राज्य संघों के स्तर पर इसके प्रभावी कार्यान्वयन पर निर्भर करेगी। खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं और अधिक भागीदारी के अवसर मिलने से दिव्यांग क्रिकेट को मजबूती मिलेगी।
डीसीसीआई को विश्वास है कि बीसीसीआई की यह पहल देश में दिव्यांग क्रिकेट के लिए नए अवसर खोलेगी और खेल को और अधिक सुलभ एवं समावेशी बनाने में मदद करेगी।
