बेंजामिन नेतन्याहू का UN भाषण: हमास के हमले की तुलना 9/11 से
नेतन्याहू का बयान
नई दिल्ली: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन में 7 अक्टूबर 2023 को हुए हमास के हमले की तुलना अमेरिका के 9/11 हमले से की। उन्होंने कहा कि इस हमले की गंभीरता को देखते हुए, यह इजरायल की जनसंख्या के अनुपात में 9/11 हमले से 16 गुना अधिक गंभीर था। नेतन्याहू ने बताया कि इस हमले में लगभग 1,200 इजरायली नागरिकों की जान गई और 251 लोग बंधक बने। उन्होंने अमेरिकी नागरिकों को समझाते हुए कहा कि 10 मिलियन की जनसंख्या वाले देश के लिए यह आंकड़ा 24 घंटे में 40,000 अमेरिकियों की मौत के बराबर है।
हमास पर गंभीर आरोप
अपने भाषण में नेतन्याहू ने हमास पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि आतंकियों ने बच्चों को उनके माता-पिता के सामने जिंदा जलाया, पुरुषों के सिर काटे और महिलाओं के साथ बर्बरता की। उन्होंने कहा, "हमारे दुश्मनों ने सोचा कि हम हार मान लेंगे, लेकिन हम शेरों की तरह लड़े।"
यह भाषण उस समय दिया गया जब गाजा में इजरायली सैन्य कार्रवाई की व्यापक आलोचना हो रही है। कई देशों ने इजरायल पर नरसंहार का आरोप लगाया, जिसे नेतन्याहू ने पूरी तरह से खारिज कर दिया। उन्होंने इसे "सदी का सबसे बड़ा झूठ" बताया।
'इजराइल के लोग जिंदा रहें' का नारा
भाषण के दौरान हंगामा तब हुआ जब कई देशों के प्रतिनिधि विरोध में हॉल से बाहर चले गए। नेतन्याहू ने उन्हें "नैतिक कायर" कहा। वहीं, गैलरी में उपस्थित उनके समर्थकों ने हिब्रू में "इजराइल के लोग जिंदा रहें" के नारे लगाए। नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल अपनी रक्षा के साथ-साथ उन देशों की भी रक्षा कर रहा है जिनके प्रतिनिधि हॉल से बाहर गए हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि कई नेता व्यक्तिगत रूप से ईरान के परमाणु हथियारों को नष्ट करने के लिए इजरायल को धन्यवाद देते हैं।
'सरकार हिंसा को बर्दाश्त नहीं करेगी'
ईरान पर किए गए हमले का बचाव करते हुए नेतन्याहू ने कहा कि यह उनके जीवन के सबसे आसान निर्णयों में से एक था और इसके लिए उन्होंने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का आभार व्यक्त किया। वेस्ट बैंक में बसने वालों की हिंसा के बारे में पूछे जाने पर नेतन्याहू ने कहा कि इसके लिए केवल "मुट्ठी भर युवा अपराधी" जिम्मेदार हैं और उनकी सरकार ऐसी हिंसा को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी।
