बेरूत में इज़राइल का हवाई हमला: हिज़्बुल्लाह के ठिकाने पर कार्रवाई
इज़राइली सेना का हवाई हमला
नई दिल्ली: 07 जून 2026 को, इज़राइली सेना ने लेबनान की राजधानी बेरूत के दहियेह क्षेत्र में हवाई हमले किए। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई हिज़्बुल्लाह के मुख्यालय पर की गई, जिसे संगठन का प्रमुख ठिकाना माना जाता है।
हमले के परिणाम
लेबनान की राष्ट्रीय समाचार एजेंसी के अनुसार, इस हमले में दो व्यक्तियों की मृत्यु हो गई और कम से कम 11 लोग घायल हुए। हमले के बाद की तस्वीरों में कई अपार्टमेंट इमारतें गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त दिखाई दे रही हैं।
रॉकेट हमले का जवाब
उत्तरी इज़राइल पर रॉकेट दागे जाने के बाद कार्रवाई
इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इज़राइल काट्ज़ ने बताया कि यह हमला उत्तरी इज़राइल पर हिज़्बुल्लाह द्वारा किए गए रॉकेट हमले के जवाब में किया गया। ये रॉकेट बुधवार के बाद पहली बार दागे गए थे और पिछले हफ्ते लेबनान में युद्धविराम के बाद का पहला हमला था।
हमले के दौरान यिफ्ताह और रामोत नफ़ताली क्षेत्रों में सायरन बजने लगे। सेना ने जानकारी दी कि उसने इज़राइल की ओर बढ़ रहे दो रॉकेटों को हवा में ही नष्ट कर दिया। इज़राइली नेताओं ने पहले ही चेतावनी दी थी कि यदि हिज़्बुल्लाह युद्धविराम के दौरान हमला करता है, तो बेरूत में जवाबी कार्रवाई की जाएगी।
ईरान की प्रतिक्रिया
ईरान ने दी जवाबी कार्रवाई की धमकी
हमले के बाद, ईरान ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। संसद की विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रवक्ता इब्राहिम रेज़ाई ने कहा कि इज़राइल को अब एक दर्दनाक और निर्णायक जवाब मिलेगा। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "इस पागल कुत्ते को काबू में करना होगा और उसकी औकात दिखानी होगी।"
ईरान पूरे इज़राइल को कब्ज़े वाला क्षेत्र मानता है। IRGC से जुड़े मीडिया आउटलेट्स ने भी कहा कि तेहरान इस हमले का जवाब देगा।
अमेरिका को पूर्व में सूचित किया गया
अमेरिका को पहले दी गई थी जानकारी
सऊदी चैनल अल-हदाथ के अनुसार, इज़राइल ने हमले से पहले अमेरिका को इसकी जानकारी दी थी। मौजूदा संघर्ष में, इज़राइल ने व्हाइट हाउस के अनुरोध पर बेरूत पर हमले को टाला था, क्योंकि अमेरिका को डर था कि इससे ईरान के साथ सीज़फायर और परमाणु समझौते की कोशिशों को नुकसान पहुंचेगा।
ईरान ने लेबनान में युद्धविराम को किसी भी समझौते की शर्त बना रखा है। बेरूत में आखिरी इज़राइली हमला 28 मई को हुआ था, जो तीन हफ्ते से अधिक समय में राजधानी पर पहला हमला था।
IDF ने बाद में हमले का फुटेज जारी कर कहा कि निशाना हिज़्बुल्लाह का वह मुख्यालय था, जहां से इज़राइल और दक्षिणी लेबनान में सैनिकों पर हमले की योजना बनाई जाती थी।
सेना ने यह भी कहा कि सुबह रॉकेट दागने में इस्तेमाल किए गए लॉन्चरों को भी नष्ट कर दिया गया। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में फिर से तनाव बढ़ गया है और बड़े संघर्ष की आशंका गहरा गई है।
