ब्राजील में राजनीतिक उथल-पुथल: लूला का फ्लावियो बोल्सोनारो पर तीखा हमला
ब्राजील में चुनावी नतीजों के बाद का संकट
नई दिल्ली: ब्राजील में राष्ट्रपति चुनाव के परिणामों के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा ने चुनाव में हार के बाद पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के बेटे फ्लावियो बोल्सोनारो के अमेरिका भागने पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। लूला ने कहा कि यदि फ्लावियो खुद को निर्दोष मानते हैं, तो उन्हें देश छोड़ने के बजाय ब्राजील में रहकर अपनी बेगुनाही साबित करनी चाहिए थी। इस बीच, अमेरिका द्वारा बोल्सोनारो परिवार को वीजा देने की योजना ने दोनों देशों के बीच राजनीतिक तनाव को बढ़ा दिया है।
फ्लावियो बोल्सोनारो का अमेरिका जाना
समाचार स्रोतों के अनुसार, सीनेटर फ्लावियो बोल्सोनारो ने रविवार को हुए राष्ट्रपति चुनाव में लूला से हार के बाद देश छोड़ दिया। उन्होंने अपनी हार को स्वीकार नहीं किया है। फ्लावियो पर मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित मामलों में कार्रवाई चल रही है। बताया गया है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद उन्होंने अपना पासपोर्ट जमा नहीं किया। हालांकि, फ्लावियो ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज किया है।
लूला का बयान
ब्रासीलिया में मंगलवार को राष्ट्रपति लूला ने कहा कि उन्हें फ्लावियो के देश छोड़ने की जानकारी हाल ही में मिली है। उन्होंने इसे शर्मनाक बताते हुए कहा कि यदि सीनेटर को लगता है कि उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया है, तो उन्हें कानूनी प्रक्रिया का सामना करने के लिए देश में रहना चाहिए था। लूला का यह बयान स्पष्ट रूप से बोल्सोनारो परिवार पर निशाना साध रहा है।
अमेरिका का वीजा प्रस्ताव
अमेरिकी विदेश विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की है कि फ्लावियो, उनकी पत्नी और उनकी दो बेटियों को अमेरिका का वीजा जारी किया जाएगा। हालांकि, फ्लावियो की वर्तमान लोकेशन की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। परिवार के करीबी एक सूत्र ने बताया कि वे फ्लोरिडा पहुंच चुके हैं। इस घटनाक्रम ने ब्राजील की राजनीति में नई बहस को जन्म दिया है।
दोनों देशों के बीच तनाव की संभावना
फ्लावियो के अमेरिका जाने से ब्राजील और अमेरिका के संबंधों में खिंचाव बढ़ सकता है। राष्ट्रपति लूला पहले भी आरोप लगा चुके हैं कि अमेरिका बोल्सोनारो परिवार को फिर से सत्ता में लाने के लिए उनके साथ मिलकर काम कर रहा है।
समाचार स्रोतों ने चुनाव से पहले अमेरिकी विदेश विभाग की उन कोशिशों की जानकारी दी थी, जिनका उद्देश्य बोल्सोनारो परिवार का राजनीतिक प्रभाव फिर से बढ़ाना था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले जायर बोल्सोनारो का समर्थन कर चुके हैं और ब्राजील की न्यायपालिका पर उन्हें निशाना बनाने का आरोप लगा चुके हैं। सोमवार को ट्रंप ने ब्राजील के चुनाव को भी 'एक और धांधली वाला चुनाव' बताया था। हालांकि, फ्लावियो के देश छोड़ने पर उन्होंने सीधे कोई टिप्पणी नहीं की।
