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ब्रिटेन का भारत पर विवादास्पद आरोप: नीरव मोदी का प्रत्यार्पण मुद्दा

ब्रिटेन की पूर्व गृह मंत्री प्रीति पटेल ने भारत पर आरोप लगाया है कि उसने यूके में अवैध भारतीय प्रवासियों को वापस लेने से मना कर दिया है। यह विवाद नीरव मोदी के प्रत्यार्पण से जुड़ा है, जो लंदन की जेल में बंद है। जानें इस मुद्दे के पीछे की सच्चाई और भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था के बारे में।
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भारत और ब्रिटेन के बीच तनाव

ब्रिटेन, जो मुस्लिम तुष्टीकरण के कारण गंभीर समस्याओं का सामना कर रहा है, ने भारत के खिलाफ एक ऐसा बयान दिया है जो चौंकाने वाला है। यूके की पूर्व गृह मंत्री प्रीति पटेल ने एक पॉडकास्ट में कहा है कि भारत ने ब्रिटेन में अवैध रूप से रह रहे भारतीय प्रवासियों को वापस लेने से इनकार कर दिया है। इसका कारण यह बताया गया है कि ब्रिटेन ने भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी को भारत को सौंपा नहीं है। नीरव मोदी वर्तमान में लंदन की एक जेल में बंद है। प्रीति पटेल के अनुसार, भारत इस मुद्दे पर बेहद नाराज है और इसलिए उसने यूके में रह रहे अवैध भारतीयों को वापस लेने से मना कर दिया है। भारत ने स्पष्ट किया है कि नीरव मोदी का प्रत्यार्पण होने पर ही वह अवैध प्रवासियों को वापस लेगा।


ब्रिटेन में अवैध प्रवासियों की स्थिति

यह ध्यान देने योग्य है कि कई भारतीय भगोड़े अक्सर यूके में शरण लेते हैं, क्योंकि वहां की अदालतें प्रत्यार्पण की प्रक्रिया को सरलता से नहीं अपनातीं। इसके अलावा, यूके भगोड़ों को पनाह देने के लिए भी कीमत वसूलता है। हालांकि, यूके भारत से आए अवैध प्रवासियों को वापस भेजने की कोशिश कर रहा है, जबकि पाकिस्तान से आए प्रवासियों के लिए क्वींस पार्क में एक विशाल मस्जिद बनाने की योजना बनाई जा रही है। इस निर्णय ने स्थानीय निवासियों में असंतोष पैदा कर दिया है। यही कारण है कि ब्रिटेन आज गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा है।


भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था

सिंगापुर के पूर्व राजदूत महबूबानी ने कहा है कि 100 साल पहले जब ब्रिटेन ने भारत पर शासन किया था, तब ब्रिटिश अर्थव्यवस्था भारतीय अर्थव्यवस्था से 3.5 गुना बड़ी थी। लेकिन अब भारत की अर्थव्यवस्था यूके से बड़ी हो चुकी है और 2050 तक यह ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था से चार गुना अधिक हो जाएगी।