ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्रियों की कहानी: क्या कर रहे हैं वे अब?
ब्रिटेन में प्रधानमंत्रियों का उतार-चढ़ाव
भारत में नरेंद्र मोदी 2014 से प्रधानमंत्री हैं और इस दौरान तीन संसदीय चुनाव हो चुके हैं, जिनमें एनडीए की सरकार बनी है। वहीं, ब्रिटेन में हर साल या दो साल में प्रधानमंत्री बदलने की स्थिति बनी रहती है, जिससे वहां संवैधानिक संकट उत्पन्न होता है। 2014 से अब तक ब्रिटेन में छह प्रधानमंत्री बदल चुके हैं।
ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्रियों की सूची
डेविड कैमरून, जो 2010 से 2016 तक प्रधानमंत्री रहे, ब्रेक्सिट के खिलाफ थे। जनमत संग्रह में 52% लोगों ने उनके खिलाफ मतदान किया, जिसके बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया। रिटायरमेंट के बाद भी वे राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं।
टेरेसा मे ने 2016 में कैमरून के इस्तीफे के बाद पदभार संभाला। उन्हें भी इस्तीफा देना पड़ा क्योंकि वे ब्रेक्सिट को संसद से पारित नहीं कर पाईं। अब वे हाउस ऑफ लॉर्ड्स की सदस्य हैं और किताबें लिखती हैं।
बोरिस जॉनसन ने 2019 से 2022 तक प्रधानमंत्री का पद संभाला। उनके खिलाफ पार्टी के सांसदों ने बगावत की, जिसके कारण उन्हें इस्तीफा देना पड़ा। अब वे सार्वजनिक मंचों पर भाषण देते हैं और किताबें लिखते हैं।
लिज ट्रस का कार्यकाल 60 दिनों से कम रहा। उन्होंने बोरिस जॉनसन के इस्तीफे के बाद पद संभाला, लेकिन आर्थिक स्थिति को संभालने में असफल रहीं। अब वे कंजर्वेटिव पार्टी की नेता हैं और सार्वजनिक समारोहों में नजर आती हैं।
ऋषि सुनक ने लिज ट्रस के बाद प्रधानमंत्री का पद संभाला। उनका कार्यकाल भी विवादों में रहा और उन्हें इस्तीफा देना पड़ा। अब वे कंजर्वेटिव पार्टी के सक्रिय नेता हैं।
कीर स्टार्मर ने 2024 से 2026 तक लेबर पार्टी का नेतृत्व किया, लेकिन उन्हें भी इस्तीफा देना पड़ा। अब वे सांसद हैं और अपने परिवार के साथ समय बिताना चाहते हैं।
