ब्रिटेन में कीर स्टार्मर के लिए बढ़ता राजनीतिक संकट
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की स्थिति
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर को महज दो साल में एक गंभीर राजनीतिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। उनकी लोकप्रियता में गिरावट और पार्टी के भीतर असंतोष के चलते यह संभावना जताई जा रही है कि वह जल्द ही अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं.
पार्टी में बगावत का माहौल
मेकरफील्ड उपचुनाव में एंडी बर्नहैम की जीत के बाद पार्टी में असंतोष बढ़ गया है। कुछ पूर्व वफादार मंत्रियों ने सप्ताह के अंत तक इस्तीफे की धमकी दी है। उनका कहना है कि यदि स्टार्मर ने इस्तीफा नहीं दिया, तो उन्हें अपमानजनक तरीके से हटाया जा सकता है.
कीर स्टार्मर पर इस्तीफे का दबाव
आइए समझते हैं कि दो साल पहले लेबर पार्टी को चुनावी जीत दिलाने वाले कीर स्टार्मर पर इस्तीफे का दबाव क्यों है। उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती क्या है और कैसे उनकी लोकप्रियता में कमी आई है?
उपचुनाव में बर्नहैम की जीत
हाल ही में मेकरफील्ड में हुए उपचुनाव में लेबर पार्टी के एंडी बर्नहैम ने 9000 वोटों से जीत हासिल की। एक महीने पहले स्थानीय चुनाव में लेबर पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था। बर्नहैम की जीत के बाद पार्टी के नेता मानते हैं कि वह रिफॉर्म पार्टी की चुनौती का सामना कर सकते हैं.
लेबर पार्टी का समर्थन
लेबर पार्टी के पास 403 सांसद हैं, और बर्नहैम के पास 200 सांसदों का समर्थन होने का अनुमान है। पार्टी के नियमों के अनुसार, किसी भी लीडरशिप के दावे के लिए कम से कम 20 प्रतिशत सांसदों का समर्थन आवश्यक है। बर्नहैम इस बाधा को पार कर सकते हैं, लेकिन यदि स्टार्मर पद नहीं छोड़ते हैं, तो उन्हें हटाने का विकल्प सांसदों के पास होगा.
स्टार्मर की मुश्किलें
पार्टी में विद्रोह: लेबर पार्टी में स्टार्मर के खिलाफ विद्रोह की स्थिति बन गई है। कई सांसदों ने उन्हें इस्तीफा देने का अल्टीमेटम दिया है।
खराब प्रदर्शन: हाल के चुनावों में हार के कारण पार्टी के नेता स्टार्मर को जिम्मेदार मानते हैं।
यू-टर्न की राजनीति: बार-बार अपने फैसलों में बदलाव ने उनकी छवि को नुकसान पहुंचाया है।
पीटर मेंडेलसन विवाद: स्टार्मर ने पीटर मेंडेलसन को अमेरिका में ब्रिटेन का राजदूत बनाया, लेकिन विवादों के चलते उन पर इस्तीफे का दबाव बढ़ गया.
ब्रिटेन को मिलेगा नया प्रधानमंत्री
यदि कीर स्टार्मर इस्तीफा देते हैं, तो ब्रिटेन को एक दशक में अपना सातवां प्रधानमंत्री मिलेगा। 2024 में आम चुनाव में उनकी जीत के बावजूद विवादों ने उनकी छवि को प्रभावित किया है। पार्टी के सांसदों को लगता है कि यदि प्रधानमंत्री नहीं बदला गया, तो निगेल फराज अगला प्रधानमंत्री बन सकते हैं.
रिफॉर्म पार्टी के मुद्दे
रिफॉर्म पार्टी, जिसे नाइजल फराज ने स्थापित किया, ने आव्रजन, महंगाई, और टैक्स में कटौती जैसे मुद्दों को प्रमुखता दी है। इन मुद्दों के कारण उनकी लोकप्रियता में तेजी से वृद्धि हुई है.
छवि का संकट

