भारत-अमेरिका व्यापार समझौता: राजदूत सर्जियो गोर ने दी नई जानकारी
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते की प्रगति
नई दिल्ली: अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने हाल ही में भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते के संबंध में एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक बयान दिया है। उनके अनुसार, यह लंबे समय से प्रतीक्षित समझौता अब अंतिम चरण में पहुँच चुका है, और वार्ताकार इसके कानूनी पाठ के अंतिम 1 से 2 प्रतिशत हिस्से को अंतिम रूप देने में लगे हुए हैं।
अफवाहों का खंडन
अफवाहें पूरी तरह बेबुनियाद हैं
यह जानकारी नई दिल्ली में आयोजित IX यूएस-इंडिया स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप फोरम (USISPF) लीडरशिप समिट 2026 के दौरान साझा की गई। राजदूत गोर ने इस शिखर सम्मेलन में दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों का एक सकारात्मक आकलन प्रस्तुत किया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत के साथ एक 'जीत-जीत' संबंध बनाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं, और दोनों देशों के बीच किसी भी प्रकार के राजनयिक तनाव की अफवाहें निराधार हैं।
समझौते में देरी का कारण
न्यायिक हस्तक्षेप से हुई थी देरी
इस व्यापार समझौते को आकार लेने में लगभग 18 महीने का समय लगा है। बीच में सुप्रीम कोर्ट के एक हालिया हस्तक्षेप के कारण कुछ प्रशासनिक और कानूनी देरी का सामना करना पड़ा, जिससे प्रारंभिक समय-सीमा प्रभावित हुई। इस पर बात करते हुए राजदूत गोर ने कहा, 'हमें लगा था कि समझौता हो चुका है, लेकिन फिर सुप्रीम कोर्ट ने दूसरा रास्ता अपना लिया।'
समझौते की स्थिति
समझौते का अधिकांश हिस्सा पूरा हो चुका
हालांकि, पिछले सप्ताह हुए उच्च स्तरीय राजनयिक प्रयासों ने इस समझौते को फिर से गति दी है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि राजदूत जैमीसन ली ग्रीर की नई दिल्ली में दो दिवसीय यात्रा ने इस बातचीत को नई दिशा दी है। गोर ने आश्वासन दिया कि समझौते का अधिकांश हिस्सा पूरा हो चुका है और अब केवल अंतिम औपचारिकताएं बाकी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यूरोपीय संघ के साथ व्यापार समझौतों की तुलना में, जहां 20 साल लगते हैं, भारत-अमेरिका डील डेढ़ साल में ही समाप्ति के करीब है।
ट्रंप की भारत यात्रा
राष्ट्रपति ट्रंप की भारत यात्रा और क्वाड बैठक
शिखर सम्मेलन में, राजदूत गोर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच मजबूत व्यक्तिगत संबंधों पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप को अपनी पिछली भारत यात्रा की सुखद यादें हैं और वे आज भी उसे याद करते हैं। हालांकि, मध्यावधि चुनाव और अन्य व्यस्तताओं के कारण तत्काल यात्रा संभव नहीं है, लेकिन दोनों पक्ष इसे जल्द से जल्द साकार करना चाहते हैं। इसके अलावा, उन्होंने बताया कि पीएम मोदी दिसंबर में जी20 सम्मेलन के लिए अमेरिका जा सकते हैं।
क्वाड बैठक की जानकारी
फिलीपींस में क्वाड के विदेश मंत्रियों की बैठक
राजदूत गोर ने यह भी बताया कि लगभग दो सप्ताह बाद फिलीपींस में क्वाड के विदेश मंत्रियों की बैठक होने जा रही है, जिसका मुख्य ध्यान प्रशांत सुरक्षा और समुद्री समझौतों को आगे बढ़ाने पर होगा। आर्थिक मोर्चे पर, अमेरिकी मिशन ने इस वर्ष यूरोपीय देशों को पीछे छोड़ते हुए भारत से अमेरिका में 20.5 बिलियन डॉलर का नया निवेश सुगम बनाया है, जो दोनों देशों के मजबूत होते रिश्तों का प्रमाण है।
