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भारत और कोट डी आइवर के बीच रक्षा सहयोग को बढ़ाने की चर्चा

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कोट डी आइवर की यात्रा के दौरान इस पश्चिमी अफ्रीकी देश के साथ रक्षा और आतंकवाद रोधी सहयोग को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। उन्होंने उप प्रधानमंत्री तेने बिराहिमा ओत्तारा से मुलाकात की और द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। इस यात्रा का उद्देश्य भारत और अफ्रीका के बीच साझेदारी को और गहरा करना है। जयशंकर की अगली यात्रा इथियोपिया की होगी, जहां वे क्षेत्रीय मिशन प्रमुखों के सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे।
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जयशंकर की कोट डी आइवर यात्रा

अबिदजान (कोट डी आइवर), 8 अक्टूबर: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कोट डी आइवर की यात्रा के दौरान भारत और इस पश्चिमी अफ्रीकी राष्ट्र के बीच रक्षा और आतंकवाद रोधी सहयोग को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। जयशंकर ने बुधवार को घाना से कोट डी आइवर पहुंचकर अपनी यात्रा का दूसरा चरण शुरू किया।


इसके बाद, वह इथियोपिया की यात्रा करेंगे। अबिदजान में, उन्होंने कोट डी आइवर के उप प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री तेने बिराहिमा ओत्तारा से मुलाकात की, जहां दोनों देशों के बीच बढ़ती रक्षा साझेदारी पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक के बाद, जयशंकर ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'हमने आपसी विश्वास और साझा हितों पर आधारित रक्षा साझेदारी पर चर्चा की।'


उन्होंने आगे कहा, 'हमने प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और संस्थागत स्तर पर आदान-प्रदान के माध्यम से रक्षा और आतंकवाद रोधी सहयोग को बढ़ाने के अवसरों पर विचार किया।' ओत्तारा ने भी इस बैठक को कोट डी आइवर और भारत के बीच सहयोग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।


इससे पहले, जयशंकर ने कोट डी आइवर की विदेश मामलों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग राज्य मंत्री नियाले काबा के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की। इस बातचीत में व्यापार, बुनियादी ढांचे, कृषि और स्वास्थ्य सेवा पर विशेष ध्यान दिया गया। जयशंकर ने कहा कि उन्होंने काबा के साथ भारत-कोट डी आइवर साझेदारी को आगे बढ़ाने के तरीकों पर 'व्यापक चर्चा' की।


उन्होंने यह भी कहा कि दोनों पक्षों ने बहुपक्षीय मंचों पर अपने जुड़ाव को और गहरा करने पर चर्चा की। जयशंकर इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा में क्षेत्रीय मिशन प्रमुखों के सम्मेलन की अध्यक्षता भी करेंगे, जिसमें क्षेत्र में तैनात भारतीय दूतों की भागीदारी की उम्मीद है।


विदेश मंत्रालय ने जयशंकर की अफ्रीकी देशों की यात्रा से पहले कहा था कि यह यात्रा भारत की अफ्रीका के साथ साझेदारी को और गहरा करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। मंत्रालय के अनुसार, यह यात्रा 'ग्लोबल साउथ' के साथ नई दिल्ली की एकजुटता को मजबूत करेगी।