भारत और घाना के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में कदम
विदेश मंत्री जयशंकर का घाना दौरा
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अपने अफ्रीकी देशों के दौरे के पहले चरण में घाना की राजधानी अकरा में घाना के विदेश मंत्री सैम ओकुदजेटो अबलाकवा और राष्ट्रपति जॉन ड्रामानी महामा से मुलाकात की। इस यात्रा के दौरान, दोनों देशों ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने, व्यापारिक सहयोग को बढ़ावा देने और बहुपक्षीय मंचों पर साझेदारी को आगे बढ़ाने पर गहन चर्चा की।
जयशंकर ने घाना के राष्ट्रपति महामा से भी बातचीत की और द्विपक्षीय संबंधों में आई गति पर विचार किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने समकक्ष अबलाकवा के साथ विस्तृत चर्चा की। बैठक के बाद, उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘भारत और घाना के विकास संबंधी लक्ष्य और ऐतिहासिक एकजुटता समान हैं।’
दोनों मंत्रियों ने व्यापार, निवेश, विकास, दवा, क्षमता निर्माण, रक्षा, तकनीकी और लोगों के बीच संबंधों के क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाने पर चर्चा की। जयशंकर ने कहा, ‘हमने बहुपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने और अफ्रीकी संघ तथा ईसीओडब्ल्यूएएस के साथ भारत के संबंधों को मजबूत करने पर भी बात की।’
घाना, ईसीओडब्ल्यूएएस का संस्थापक सदस्य है, जो पश्चिम अफ्रीका में आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक एकीकरण के लिए समर्पित 15 सदस्यों वाला समूह है। अबलाकवा ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘घाना और भारत अब महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार हैं; पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के दौरान हमारे संबंधों को एक नई ऊंचाई पर पहुंचाया गया था।’
दोनों देशों ने अकादमिक, वैज्ञानिक अनुसंधान और क्षमता निर्माण में सहयोग के लिए भारतीय प्राणी सर्वेक्षण और घाना विश्वविद्यालय के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) का आदान-प्रदान किया। इसके अलावा, कृषि अनुसंधान और शिक्षा में सहयोग के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद और घाना के सीएसआईआर-क्रॉप्स रिसर्च इंस्टीट्यूट के बीच भी एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।
