भारत और जापान के बीच नए सहयोग की शुरुआत: पीएम मोदी और साने ताकाइची की बैठक
दिल्ली में पीएम मोदी और जापान की पीएम साने ताकाइची के बीच हुई बैठक में दोनों देशों के बीच सहयोग के नए आयामों पर चर्चा की गई। ताकाइची ने भारत और जापान के रिश्तों को एक नई ऊंचाई पर ले जाने की बात की। इस बैठक में समुद्री सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और ऊर्जा सुरक्षा पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। दोनों देशों ने 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर नए निवेश और नवाचार के माध्यम से आर्थिक विकास को गति देने का संकल्प लिया।
| Jul 2, 2026, 16:19 IST
भारत-जापान संबंधों में नई ऊंचाई
दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने दोनों देशों के संबंधों को एक नई दिशा देने की बात की। उन्होंने पीएम मोदी द्वारा उन्हें 'छोटी बहन' कहे जाने का उल्लेख करते हुए कहा, "प्रधानमंत्री मोदी, आपने मुझे अपनी प्यारी छोटी बहन कहा, लेकिन हमारी छोटी मुलाकात में ही हमने यह तय कर लिया था कि हम एक ही पन्ने पर हैं और इस रिश्ते को भाई-बहन के रूप में आगे बढ़ाएंगे।" ताकाइची ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए भारत और जापान का सहयोग पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।
समुद्री सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग पर सहमति
जापानी प्रधानमंत्री ने अपने बयान में सहयोग के तीन प्रमुख बिंदुओं को साझा किया, जिसमें पहला और सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक सहयोग को मजबूत करना है।
संयुक्त नौसेना अभ्यास: जापान की समुद्री आत्म-रक्षा बल का एक युद्धपोत और भारतीय नौसेना का जहाज जल्द ही एक संयुक्त अभ्यास करेंगे।
मेक इन इंडिया के तहत सहयोग: दोनों देश हिंद महासागर में अपने अभ्यास को बढ़ाएंगे और 'मेक इन इंडिया' के तहत सैन्य उपकरणों और जहाजों की मरम्मत में सहयोग करेंगे।
2+2 बैठक का आयोजन: ताकाइची ने बताया कि इस सहयोग को और गहरा करने के लिए उन्होंने संबंधित विभागों को इस साल के अंत से पहले अगली 'जापान-भारत 2+2' बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।
आर्थिक और ऊर्जा सुरक्षा पर महत्वपूर्ण कदम
सहयोग के दूसरे बिंदु के तहत दोनों देशों ने आर्थिक और ऊर्जा सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित किया है। ताकाइची ने कहा कि 'पावर एशिया पहल' के तहत दोनों देश मिलकर कार्य करेंगे।
पेट्रोलियम भंडार प्रणाली: भारत की पेट्रोलियम भंडारण प्रणाली को मजबूत करने के लिए द्विपक्षीय बातचीत शुरू की जाएगी। जापान अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी में भारत की सदस्यता का समर्थन करता है।
गोबर से बायोगैस बनाने की योजना: पीएम मोदी द्वारा शुरू की गई योजना की सराहना करते हुए ताकाइची ने बताया कि भारत के 1,000 बायोगैस प्लांट बनाने के लक्ष्य को सहारा देने के लिए 'जापान-भारत कोऑपरेटिव बायोगैस फॉर ग्रोथ' पहल शुरू की जा रही है, जो गाय के गोबर से ऊर्जा उत्पादन में मदद करेगी।
75वीं वर्षगांठ का संकल्प
तीसरे मुख्य बिंदु के रूप में दोनों देशों ने निवेश और नवाचार के माध्यम से आर्थिक विकास को गति देने का संकल्प लिया। पीएम मोदी के 'विकसित भारत 2047' के सपने की प्रशंसा करते हुए जापानी पीएम ने बताया कि इस यात्रा के दौरान दोनों देशों की कंपनियों के बीच लगभग 120 समझौतों पर हस्ताक्षर हुए हैं, जिसमें 2 ट्रिलियन येन का बड़ा निवेश शामिल है।
अंत में, उन्होंने याद दिलाया कि अगला वर्ष दोनों देशों के राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ का है। उन्होंने कहा, "अपने बड़े भाई प्रधानमंत्री मोदी के साथ मिलकर मुझे पूरा विश्वास है कि भारत-जापान के रिश्ते एक नए युग में प्रवेश कर रहे हैं। अब मैं जापान में प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करने के लिए उत्सुक हूं।"
