भारत की यूक्रेन और पोलैंड यात्रा: युद्ध समाप्ति में मदद का आश्वासन
विदेश मंत्री की महत्वपूर्ण यात्रा
पोलैंड और यूक्रेन की तीन दिवसीय यात्रा के दौरान, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा से मुलाकात की। कीव में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए, जयशंकर ने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी, तो भारत युद्ध समाप्त करने में सहायता करने के लिए तैयार है। यह बयान प्रधानमंत्री मोदी की उस अपील के संदर्भ में आया है, जिसमें उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से युद्ध खत्म करने का अनुरोध किया था। यह पहली बार नहीं है, जब पीएम मोदी ने इस तरह की अपील की है।
कीव में यूक्रेन के विदेश मंत्री से बातचीत करते हुए, डॉ. जयशंकर ने कहा, 'यदि भारत किसी भी प्रकार से सहायता कर सकता है, तो हम तैयार हैं।' पिछले चार वर्षों से रूस के साथ चल रहे युद्ध के बीच, जयशंकर का यूक्रेन दौरा अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। काला सागर में यूक्रेन और रूस के बीच हुई हिंसक झड़पों ने भारत की चिंता बढ़ा दी थी, क्योंकि इन संघर्षों में कई भारतीय नाविकों की जान गई। भारत ने बार-बार नाविकों की सुरक्षा और स्वतंत्र समुद्री परिवहन की वकालत की है। इसके साथ ही, बातचीत और कूटनीति के माध्यम से युद्ध समाप्त करने की अपील की है।
विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में बताया कि विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर 3 से 5 सितंबर 2026 तक यूक्रेन और पोलैंड की यात्रा पर रहेंगे। इस दौरान वे कीव में यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा और वारसॉ में पोलैंड के उप प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री राडोस्लाव सिकोरस्की के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। यात्रा का मुख्य उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना और क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर विचारों का आदान-प्रदान करना है।
मुलाकात के दौरान, एस. जयशंकर और एंड्री सिबिहा ने वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों पर चर्चा की। हाल ही में एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी और पुतिन के बीच हुई मुलाकात में, पीएम मोदी ने कहा था, 'युद्ध में बिताया गया हर दिन मानवता को पीछे धकेलता है। शांति की दिशा में उठाया गया हर कदम मानवता को नई आशा और उत्साह से भर देता है।' पीएम मोदी ने पुतिन से युद्ध समाप्त करने का अनुरोध किया था।
