भारत-चीन सीमा विवाद: चीन ने भारत के आरोपों को बताया राजनीतिक चाल
भारत-चीन के बीच तनाव की नई परत
नई दिल्ली: अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर भारत और चीन के बीच तनाव की स्थिति पर चीन ने प्रतिक्रिया दी है। चीनी सरकारी समाचार पत्र ग्लोबल टाइम्स ने भारत के आरोपों को निराधार बताते हुए इसे घरेलू राजनीति से संबंधित एक चाल करार दिया है। वहीं, हांगकांग के समाचार पत्र साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने इसे दोनों देशों के बीच बनी नाजुक सुलह के लिए एक नई चुनौती बताया है।
फेस-ऑफ की स्थिति का खुलासा
यह विवाद तब शुरू हुआ जब आईटीबीपी के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने 22 अक्टूबर को अलवर में एक कार्यक्रम में कहा कि हाल के दिनों में अरुणाचल में कई स्थानों पर फेस-ऑफ की स्थिति उत्पन्न हुई है। यह किसी उच्च अधिकारी द्वारा पहली बार सार्वजनिक रूप से पुष्टि की गई थी। भारत के विदेश मंत्रालय ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सीमा पर स्थिति तब बिगड़ती है जब चीनी सेना गश्त के निर्धारित तरीकों का उल्लंघन करती है।
चीन का आधिकारिक बयान
चीन के विदेश मंत्रालय ने क्या कहा
ग्लोबल टाइम्स ने चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन के बयान को प्रमुखता से प्रकाशित किया। गुओ ने कहा कि चीन दोनों देशों के बीच हुए समझौतों का पालन करता है और चीनी सेना अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए सामान्य गश्त करती है।
विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञ ने भारत पर डाला सुधार का जिम्मा
त्सिंघुआ यूनिवर्सिटी के नेशनल स्ट्रेटेजी इंस्टीट्यूट के निदेशक कियान फेंग ने ग्लोबल टाइम्स से कहा, "भारतीय पक्ष द्वारा लगाए गए आरोप गश्त से संबंधित रणनीतिक चाल हैं, जिसमें घरेलू राजनीतिक समीकरण भी शामिल हैं।" उन्होंने सुझाव दिया कि भारत को सीमा प्रबंधन के समझौतों का पालन करना चाहिए ताकि सीमा विवाद द्विपक्षीय संबंधों में सुधार में बाधा न बने। हालांकि, उन्होंने चीन की जिम्मेदारियों का उल्लेख नहीं किया।
नाजुक सुलह की परीक्षा
SCMP ने कहा - नाजुक सुलह की परीक्षा
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने उल्लेख किया कि चीन और भारत के बीच बनी नाजुक सुलह एक बार फिर परीक्षा में है। अखबार ने याद दिलाया कि पिछले एक वर्ष में संबंध सुधारने के लिए कई कदम उठाए गए हैं, जैसे कि अक्टूबर में सीधी उड़ानों का पुनः आरंभ होना और पिछले महीने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की भारत यात्रा।
