भारत ने जॉर्डन में चर्च पर हमले की कड़ी निंदा की
जॉर्डन के करक में हुए हमले पर भारत की प्रतिक्रिया
भारत ने शुक्रवार को जॉर्डन के करक में एक चर्च पर हुए घातक हमले की तीखी आलोचना की है, जिसमें सात लोगों की जान चली गई और 34 अन्य घायल हुए। विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में इस हमले को "जघन्य" और "कायरतापूर्ण" बताया। मंत्रालय ने पीड़ितों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
बयान में यह भी कहा गया कि भारत जॉर्डन की सरकार और वहां के लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है। नई दिल्ली ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा, "भारत 23 अक्टूबर, 2026 को करक में हुए इस हमले की कड़ी निंदा करता है। इस दुखद घटना में कई निर्दोष लोगों की जान गई और कई अन्य घायल हुए। हम पीड़ितों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।"
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी इस घटना पर अपनी संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "कल करक में हुए हमले से गहरा आघात लगा है, जिसमें कई निर्दोष लोगों की जान चली गई। हम आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ अपने दृढ़ संकल्प को फिर से दोहराते हैं।"
अल जज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार, यह हमला एक चर्च में अंतिम संस्कार के दौरान हुआ, जहां बंदूकधारियों ने गोलीबारी की। जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला बिन हुसैन द्वितीय ने इस घटना पर दुख जताते हुए कहा कि हमले का कड़ा जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा, "जो लोग जॉर्डन के लोगों को बांटने की कोशिश कर रहे हैं, वे हमारी एकता के सामने कभी सफल नहीं होंगे।"
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने भी इस हमले की निंदा की, इसे धार्मिक स्थल की पवित्रता का उल्लंघन बताया। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी इस हमले की आलोचना की और कहा कि आम नागरिकों और धार्मिक स्थलों पर हमले अस्वीकार्य हैं।
