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भारत ने परमाणु हथियारों की दौड़ में पाकिस्तान को पीछे छोड़ा, चीन के स्तर पर पहुंचा

स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट की नई रिपोर्ट में भारत की परमाणु क्षमता में वृद्धि का खुलासा हुआ है। भारत ने पाकिस्तान को पीछे छोड़ते हुए अपनी परमाणु हथियारों की संख्या 190 तक पहुंचा दी है, जबकि पाकिस्तान की संख्या स्थिर बनी हुई है। चीन भी तेजी से अपने भंडार को बढ़ा रहा है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि बड़ी शक्तियाँ अपने परमाणु हथियारों में कमी लाने के वादों से पीछे हट रही हैं। जानें इस रिपोर्ट में और क्या कहा गया है।
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भारत ने परमाणु हथियारों की दौड़ में पाकिस्तान को पीछे छोड़ा, चीन के स्तर पर पहुंचा

भारत की परमाणु क्षमता में वृद्धि


नई दिल्ली: स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) द्वारा जारी की गई नई रिपोर्ट में एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। SIPRI की 2026 ईयरबुक के अनुसार, भारत ने परमाणु हथियारों के निर्माण में पाकिस्तान को काफी पीछे छोड़ दिया है और अब उसकी गति चीन के समान हो गई है।


परमाणु हथियारों की संख्या

रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेरिका और रूस के पास अभी भी सबसे अधिक परमाणु हथियार हैं, लेकिन इन दोनों देशों के भंडार में थोड़ी कमी आई है। इसके विपरीत, चीन और भारत ने अपने हथियारों की संख्या में वृद्धि की है।


भारत के पास 190 परमाणु हथियार


SIPRI के अनुसार, जनवरी 2025 में भारत के पास 180 परमाणु हथियार थे। एक वर्ष में 10 नए हथियार जोड़कर, जनवरी 2026 तक यह संख्या 190 हो गई है। वहीं, पाकिस्तान के पास पिछले वर्ष भी 170 हथियार थे और इस वर्ष भी यही संख्या बनी हुई है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि पाकिस्तान के भंडार में कोई वृद्धि नहीं हुई है।


रूस के पास 2026 में 5420 हथियार हैं, जो 2025 के 5459 से थोड़े कम हैं। अमेरिका के पास 5042 हथियार हैं, जबकि पिछले वर्ष यह संख्या 5177 थी। चीन ने अपने भंडार में 20 नए हथियार जोड़कर इसे 620 कर लिया है। ब्रिटेन के पास 225 हथियार हैं, जो पिछले वर्ष के समान हैं।


चीन की तेजी से बढ़ती क्षमता

चीन सबसे तेजी से बढ़ा रहा जखीरा


रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि चीन अपने परमाणु हथियारों को तेजी से आधुनिक बना रहा है। जनवरी 2026 तक, चीन ने 20 नए वॉरहेड जोड़े हैं और ऑपरेशनल फोर्स के साथ तैनात हथियारों की संख्या 24 से बढ़ाकर 34 कर दी है।


चीन के पास जमीन से लॉन्च होने वाली मिसाइलों के लिए 775 साइलो हैं। SIPRI का अनुमान है कि इस दशक के अंत तक चीन के ICBM का भंडार रूस और अमेरिका के बराबर हो सकता है। हालांकि, 2030 तक चीन के पास 1000 से अधिक हथियार होने के बावजूद, यह रूस या अमेरिका के मौजूदा भंडार का केवल एक चौथाई होगा।


बड़ी शक्तियों का परमाणु हथियारों में कमी का वादा

बड़ी ताकतें कम कर रही हैं भरोसा


SIPRI ने चेतावनी दी है कि विश्व की प्रमुख शक्तियाँ परमाणु हथियारों में कमी लाने के अपने वादों से पीछे हट रही हैं। चीन अपने अधिकांश वॉरहेड को लॉन्चर से अलग रखता था, लेकिन अब वह शांति के समय में होने वाले अभ्यासों में मोबाइल बटालियनों पर मिसाइलों के साथ वॉरहेड तैनात कर सकता है।


रिपोर्ट के अनुसार, परमाणु हथियारों की होड़ फिर से तेज हो रही है। भारत और चीन दोनों अपने भंडार को मजबूत कर रहे हैं, जबकि पाकिस्तान की संख्या स्थिर बनी हुई है।