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भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ UN में दिया करारा जवाब, शहबाज शरीफ के भाषण पर उठाए सवाल

भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के भाषण का सटीक जवाब दिया। पेटल गहलोत ने पाकिस्तान की शासन व्यवस्था, ईशनिंदा कानून और जम्मू-कश्मीर पर भारत के रुख को स्पष्ट किया। उन्होंने पाकिस्तान के प्रतिनिधि की टिप्पणियों पर तीखी प्रतिक्रिया दी, विशेषकर 9/11 हमले के संदर्भ में। जानें इस महत्वपूर्ण वार्ता में और क्या कहा गया।
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भारत का सटीक जवाब


नई दिल्ली: संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के भाषण के बाद भारत ने एक सटीक और तीखा जवाब दिया है। भारत के स्थायी मिशन की फर्स्ट सेक्रेटरी पेटल गहलोत ने पाकिस्तान पर सीधा निशाना साधते हुए भारत के जवाब देने के अधिकार का उपयोग किया।


पाकिस्तान की अजीब टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया

गहलोत ने अपने बयान की शुरुआत करते हुए कहा कि आज दोपहर महासभा में पाकिस्तान के प्रतिनिधि की कुछ अजीब टिप्पणियां सुनने को मिलीं, और यह उस समय हुआ जब न्यूयॉर्क और पूरी दुनिया 9/11 आतंकी हमले की 25वीं बरसी मना रही थी। उन्होंने याद दिलाया कि 9/11 हमले का मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन पाकिस्तानी सेना की एक प्रमुख अकादमी के निकट रह रहा था, और आज पाकिस्तान के प्रतिनिधि ने उसी संस्था के प्रति श्रद्धा प्रकट की।


पाकिस्तान की शासन व्यवस्था पर सवाल

गहलोत ने आगे कहा कि उन्होंने लोकतांत्रिक अधिकारों और मानव मूल्यों पर एक ऐसे शासन से पाखंडी उपदेश सुने, जिसकी राजधानी इस समय अपने ही नागरिकों के खिलाफ किलेबंदी कर रही है। यह शासन सेना का, सेना द्वारा और सेना के लिए चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसमें भले ही कठपुतलियां बदलती रहें, लेकिन असली निर्णय कौन लेता है, इस भ्रम में किसी को नहीं रहना चाहिए।


ईशनिंदा कानून पर सीधा हमला

भारत की प्रतिनिधि ने पाकिस्तान के ईशनिंदा कानून पर भी सीधा हमला किया। उन्होंने कहा कि महासभा में धार्मिक असहिष्णुता पर जो टिप्पणियां की गईं, उनका आधार खुद ईशनिंदा कानून है। उन्होंने यह भी कहा कि पूरी दुनिया जानती है कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के साथ कैसा व्यवहार किया जाता है, और कोई भी पवित्र भाषण दुनिया को गुमराह नहीं कर सकता।


जम्मू-कश्मीर पर स्पष्ट रुख

गहलोत ने जम्मू-कश्मीर के संदर्भ में भारत का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारतीय संघ का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है, और हमेशा रहेगा। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि यदि कश्मीर की बात करनी है, तो पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर पर भी ध्यान देना चाहिए, जहां रावलकोट के लोग लंबे समय से मनमानी हत्याओं और बुनियादी अधिकारों से वंचित रहने जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं।


फॉर्म 47 सरकार का संदर्भ

गौरतलब है कि 'फॉर्म 47 सरकार' पाकिस्तान में एक चर्चित राजनीतिक शब्द है, जिसका उपयोग विपक्षी पार्टियां शहबाज शरीफ की मौजूदा गठबंधन सरकार के लिए करती हैं। फॉर्म 47 पाकिस्तान चुनाव आयोग का एक आधिकारिक दस्तावेज है, जिसका उपयोग किसी निर्वाचन क्षेत्र के प्रारंभिक नतीजों को दर्ज करने के लिए किया जाता है। फरवरी 2024 के आम चुनाव के बाद PTI ने आरोप लगाया था कि फॉर्म 47 में दर्ज वोटों की संख्या मतदान केंद्रों के फॉर्म 45 के आंकड़ों से मेल नहीं खाती, जिसके चलते विपक्षी दल मौजूदा सरकार को 'अवैध फॉर्म 47 सरकार' कहकर बुलाते हैं।