भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया
संयुक्त राष्ट्र में सुधार की आवश्यकता
विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने न्यूयॉर्क में आयोजित एक बैठक में भाग लिया, जिसमें फ्रेंको-मैक्सिकन पहल पर चर्चा की गई। इस कार्यक्रम का आयोजन फ्रांस और मैक्सिको के विदेश मंत्रियों ने किया। जॉर्ज ने इस अवसर पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में आवश्यक सुधारों की बात की। उन्होंने भारत के वीटो अधिकार पर स्पष्ट रुख को भी रेखांकित किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने 11 सितंबर को बहुपक्षवाद के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं, विशेषकर UN सुरक्षा परिषद में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि ये संस्थाएं वर्तमान वैश्विक परिदृश्य को सही तरीके से दर्शा सकें।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में चर्चा
नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान, मोदी और गुटेरेस ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। इनमें भू-राजनीतिक संघर्ष, नेविगेशन की स्वतंत्रता, सतत विकास लक्ष्य, मानव-केंद्रित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, नवीकरणीय ऊर्जा के लक्ष्य और अंतरराष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा शामिल थे।
बैठक के बाद, पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर साझा किया कि UN महासचिव के साथ उनकी बैठक बहुत सकारात्मक रही। उन्होंने भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान हुई प्रगति और बहुपक्षवाद को मजबूत करने की प्रतिबद्धता पर चर्चा की।
UN महासचिव की सराहना
विदेश मंत्रालय के अनुसार, गुटेरेस ने मोदी को चौथी बार ब्रिक्स की अध्यक्षता संभालने पर बधाई दी। दोनों नेताओं ने बहुपक्षवाद के महत्व और UN सुरक्षा परिषद में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। पीएम मोदी ने गुटेरेस को उनके कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं।
UN महासचिव के सचिवालय द्वारा जारी आधिकारिक विवरण में, गुटेरेस ने भारत के साथ संयुक्त राष्ट्र की मजबूत साझेदारी की सराहना की। दस्तावेज़ में उल्लेख किया गया कि दोनों नेताओं ने मध्य पूर्व और यूक्रेन में चल रहे संघर्षों पर भी चर्चा की और वैश्विक अर्थव्यवस्था, विशेषकर खाद्य और उर्वरक आपूर्ति पर उनके प्रभाव का आकलन किया।
