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भारत-बांग्लादेश संबंधों में तनाव: शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग फिर उठी

भारत और बांग्लादेश के बीच रिश्तों में हालिया तनाव के बीच, बांग्लादेश ने भारतीय उच्चायुक्त से मुलाकात में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग को फिर से उठाया है। इस बैठक में द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की गई और दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। जानें इस मुद्दे के पीछे की कहानी और इसके संभावित प्रभाव।
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बांग्लादेश में भारतीय उच्चायुक्त की पहली मुलाकात

भारत और बांग्लादेश के बीच हालिया तनाव के बीच, बांग्लादेश ने सोमवार को ढाका में भारतीय उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी और प्रधानमंत्री तारिक रहमान के बीच हुई पहली मुलाकात के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग को फिर से दोहराया। बांग्लादेश प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया कि इस बैठक में कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की गई। भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की गई जानकारी में बताया कि त्रिवेदी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शुभकामनाएं दीं और बांग्लादेश सरकार तथा वहां की जनता के साथ सकारात्मक और रचनात्मक तरीके से सहयोग करने की भारत की इच्छा व्यक्त की।


बैठक के संदर्भ में कयास

यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब कयास लगाए जा रहे हैं कि रहमान, जिन्हें भारत ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में आमंत्रित किया है, संभवतः 12-13 सितंबर को होने वाले इस कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे। 5 अगस्त को नई दिल्ली में बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री हसीना ने पत्रकारों से डिजिटल माध्यम से बात की थी, जिसके बाद भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में तनाव बढ़ गया। हसीना ने कहा कि जेल या मौत की सजा का खतरा होने के बावजूद, वह दिसंबर में देश लौटने और लोकतंत्र को बहाल करने का दृढ़ संकल्प रखती हैं।


बांग्लादेश की प्रतिक्रिया

बांग्लादेश ने मीडिया के साथ हुई इस बातचीत पर नाराजगी जताते हुए कहा कि इससे वहां की जनता की भावनाएं आहत हुई हैं और यह भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों को सुधारने के प्रयासों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। उन्होंने हसीना को 'फरार और नरसंहार का दोषी' करार दिया। हालांकि, भारत के विदेश मंत्रालय ने 7 अगस्त को स्पष्ट किया कि हसीना के उस मीडिया कार्यक्रम में उसकी कोई भूमिका नहीं थी और वह बांग्लादेश सरकार के बारे में कही गई किसी भी बात का समर्थन नहीं करता।


द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की आवश्यकता

बांग्लादेश प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि बांग्लादेश को उम्मीद है कि भारत शेख हसीना के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया में तेजी लाएगा। इस आधे घंटे की मुलाकात के बाद, बयान में कहा गया कि दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए अनुकूल माहौल बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।


त्रिवेदी की भूमिका

नई दिल्ली में बांग्लादेश के उच्चायोग ने 'एक्स' पर पोस्ट किया कि यह मुलाकात लगभग आधे घंटे तक चली और इससे दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है। त्रिवेदी की यह बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के साथ पहली शिष्टाचार मुलाकात है, जो उन्होंने उच्चायुक्त के रूप में पदभार संभालने के छह हफ्ते बाद की। वह भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं और उच्चायुक्त के रूप में उन्हें केंद्रीय मंत्री का दर्जा प्राप्त है।


हसीना का मामला

त्रिवेदी ने रविवार को कहा था कि रहमान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच बैठक से द्विपक्षीय संबंधों की समस्याओं को सुलझाने में मदद मिल सकती है। अगस्त 2024 में छात्रों के हिंसक विरोध-प्रदर्शनों के बाद हसीना को सत्ता से हटा दिया गया था, जिसके बाद वह भारत चली गईं। नवंबर 2025 में, बांग्लादेश के एक विशेष न्यायाधिकरण ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान कथित 'मानवता के खिलाफ अपराधों' के लिए उन्हें उनकी अनुपस्थिति में मौत की सजा सुनाई। तब से ढाका भारत से उनके प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है।