Newzfatafatlogo

भारतीय नौसेना का P-8I विमान रिमपैक 2026 में भाग लेने के लिए हवाई पहुंचा

भारतीय नौसेना का P-8I समुद्री गश्ती विमान अमेरिका के हवाई में रिमपैक 2026 में भाग लेने के लिए पहुंचा है। यह अभ्यास 30 देशों के साथ मिलकर समुद्री सुरक्षा और सहयोग को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। इसमें विभिन्न प्रकार के सैन्य ऑपरेशन और प्रशिक्षण कार्यक्रम शामिल हैं, जो वैश्विक समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद करेंगे। जानें इस अभ्यास की गतिविधियों और महत्व के बारे में अधिक जानकारी।
 | 

भारतीय नौसेना की भागीदारी

भारतीय नौसेना ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपनी रणनीतिक स्थिति और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने के लिए आधुनिक पी-8आई समुद्री गश्ती विमान को अमेरिका के हवाई में भेजा है। यह विमान दुनिया के सबसे बड़े नौसैनिक अभ्यास 'रिम ऑफ द पैसिफिक' (RIMPAC 2026) में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहा है।


अमेरिकी दूतावास का बयान

अमेरिका में भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में बताया कि भारतीय नौसेना की भागीदारी स्वतंत्र, मुक्त और समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यह साझेदार नौसेनाओं के साथ अंतर-संचालन क्षमता, समुद्री जागरूकता और सहयोग को भी बढ़ावा देती है। रिमपैक 2026 का 30वां संस्करण 'साझेदार: एकीकृत और तैयार' थीम पर आधारित है।


रिमपैक 2026 का महत्व

इस वर्ष 24 जून से 31 जुलाई तक हवाई द्वीपों में आयोजित इस अभ्यास में 30 देशों के 30 से अधिक सतही युद्धपोत, पांच पनडुब्बियां, 15 देशों की थल सेनाएं, 206 से अधिक विमान और 30,000 सैन्यकर्मी शामिल हैं। यह अभ्यास प्रतिभागी देशों को संयुक्त प्रशिक्षण का अनूठा अवसर प्रदान करता है, जिससे समुद्री मार्गों की सुरक्षा और विश्व महासागरों में सुरक्षित नौवहन सुनिश्चित होता है।


कमांडर का बयान

रिमपैक 2026 के कमांडर, वाइस एडमिरल जेफ जैब्लॉन ने कहा कि जटिल परिस्थितियों में संयुक्त प्रशिक्षण से सहभागी देशों की युद्धक तैयारियों में सुधार होता है और वे एक-दूसरे के साथ प्रभावी ढंग से संचालन करने के लिए आवश्यक अंतर-संचालन क्षमता को मजबूत करते हैं।


अभ्यास की गतिविधियाँ

अमेरिकी नौसेना के अनुसार, इस अभ्यास में विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम शामिल हैं, जैसे कि जमीन और पानी पर अभियान, तोप और मिसाइल अभ्यास, पनडुब्बी रोधी युद्ध, हवाई रक्षा अभियान, सैन्य चिकित्सा, मानवीय सहायता, समुद्री डकैती विरोधी अभियान, और बारूदी सुरंगों का निष्कासन।


महत्वपूर्ण सैन्य ऑपरेशन

इस एक महीने से अधिक चलने वाले अभ्यास में सेनाएं बहुआयामी चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार होंगी। इसमें उभयचर अभियान, पनडुब्बी रोधी युद्ध, लाइव मिसाइल और तोप दागने का अभ्यास, समुद्री डकैती विरोधी अभियान, और आपदा राहत कार्य शामिल हैं। यह युद्धाभ्यास वैश्विक समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।


सोशल मीडिया पर जानकारी