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भारतीय शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 456 अंक नीचे

शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में गिरावट आई, जिसमें सेंसेक्स 456 अंक नीचे बंद हुआ। बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि ने बाजार को प्रभावित किया। जानें किस सेक्टर में गिरावट और वृद्धि देखी गई, और विशेषज्ञों का क्या कहना है।
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शेयर बाजार में गिरावट का कारण

मुंबई - बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और वित्तीय सेवाओं तथा बैंक शेयरों में गिरावट के कारण शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार ने लाल निशान में बंद किया। होर्मुज जलडमरूमध्य में अनिश्चितता के चलते कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि ने मध्य पूर्व में संभावित शांति समझौते पर संदेह उत्पन्न किया, जिससे घरेलू बाजार के प्रमुख बेंचमार्क दबाव में आ गए।


बाजार के प्रमुख आंकड़े

बाजार के समापन पर, 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 455.59 अंकों यानी 0.58 प्रतिशत की गिरावट के साथ 78,499.17 पर पहुंच गया। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 ने 65.35 अंकों की मामूली गिरावट के साथ 24,570.65 का स्तर छुआ। व्यापक बाजार में निफ्टी मिडकैप में 0.22 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप में 0.05 प्रतिशत की कमी आई।


सेक्टरवार प्रदर्शन

सेक्टरवार प्रदर्शन में निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी प्राइवेट बैंक और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में सबसे अधिक गिरावट देखी गई, जबकि निफ्टी ऑटो और निफ्टी आईटी में वृद्धि हुई। इसके अलावा, निफ्टी मेटल और निफ्टी पीएसयू बैंक में भी तेजी का अनुभव हुआ।


शेयरों का प्रदर्शन

निफ्टी50 इंडेक्स में ग्रासिम इंडस्ट्रीज, टीसीएस, हिंडाल्को, एमएंडएम, एचसीएल टेक और एसबीआई के शेयरों में सबसे अधिक बढ़त देखी गई। इसके विपरीत, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, ट्रेंट, आईसीआईसीआई बैंक, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज और श्रीराम फाइनेंस के शेयरों ने सबसे अधिक नुकसान उठाया।


विश्लेषकों की राय

मार्केट विशेषज्ञ सुनील शाह ने कहा कि शुक्रवार के सत्र में प्रमुख बेंचमार्कों में गिरावट पश्चिम एशिया में बढ़ते तनावों के कारण हुई। उन्होंने यह भी बताया कि कंपनियों के नतीजे आने का दौर चल रहा है और बाजार हर कंपनी के नतीजों पर प्रतिक्रिया दे रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि धीरे-धीरे बाजार का रुख तेजी की ओर बढ़ रहा है।