भारतीय शेयर बाजार में तेजी: क्या है इसके पीछे का रहस्य?
भारतीय शेयर बाजार में उथल-पुथल
नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के कारण बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट आई। लेकिन गुरुवार को बाजार ने शानदार वापसी की, और सेंसेक्स-निफ्टी दोनों ने 500 अंक तक की बढ़त दिखाई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद निवेशकों ने भारी बिकवाली की थी, लेकिन अगले दिन वैल्यू बाइंग और बेहतर बाजार भावना ने स्थिति को सुधार दिया।
बुधवार को बाजार में आई बड़ी गिरावट
पिछले कारोबारी दिन ट्रंप ने ईरान के साथ शांति वार्ता को समय की बर्बादी बताते हुए समझौता खत्म करने का ऐलान किया, जिससे तेल की कीमतें 80 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गईं। इस खबर ने बाजार को हिला दिया, और BSE Sensex 1600 अंक से अधिक गिरकर बंद हुआ। NSE Nifty में भी 500 अंक से ज्यादा की गिरावट आई, जिससे निवेशकों को लगभग 9 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
गुरुवार को बाजार ने की शानदार वापसी
हालांकि, गुरुवार को बाजार ने तेज शुरुआत की। BSE Sensex अपने पिछले बंद 76,503 के मुकाबले 76,576 पर खुला और 10 मिनट में ही 500 अंक से अधिक चढ़कर 77,019 के पार पहुंच गया। NSE Nifty भी 23,882 से बढ़कर 23,928 पर खुला और फिर 150 अंक से अधिक की तेजी के साथ 24,000 के ऊपर चला गया। खास बात यह रही कि बुधवार की सभी गिरावट गुरुवार की ओपनिंग में ही रिकवर हो गई।
बाजार के 'हीरो' शेयर कौन?
इस तेजी में लार्जकैप, मिडकैप और स्मॉलकैप सभी सेक्टर में खरीदारी देखी गई। लार्जकैप में Eternal 4% चढ़ा, SunPharma 2.70% और Bharti Airtel करीब 2% ऊपर रहा। एशियन पेंट्स, ICICI Bank, Titan, Reliance, Trent और HUL जैसे दिग्गज भी 1% से अधिक की तेजी में थे। मिडकैप में Dixon 4.40%, Laurus Labs 3.30%, Godrej Properties 2.80% और Nykaa 2% की बढ़त में दिखे। स्मॉलकैप में Welcorp 5%, IIFL 3.70% और PGEL 3.60% चढ़कर ट्रेड कर रहे थे।
क्रूड महंगा होने पर भी बाजार की तेजी का रहस्य
एक बड़ा सवाल यह है कि जब ब्रेंट क्रूड 80 डॉलर के करीब है और ईरान-अमेरिका के बीच तनाव है, तो बाजार क्यों उछला? विशेषज्ञों का कहना है कि इसके पीछे दो मुख्य कारण हैं। पहला, Value Buying, जहां निवेशकों ने बुधवार की भारी गिरावट के बाद निचले स्तर पर खरीदारी की। दूसरा, इंडिया VIX में गिरावट, जो डर का पैमाना माना जाता है। बुधवार को यह 30% उछला था, लेकिन गुरुवार को यह लगभग 7% गिर गया। इससे संकेत मिला कि बाजार में घबराहट कम हुई है। फिलहाल निवेशक वैश्विक खबरों पर नजर रखे हुए हैं, लेकिन गुरुवार की तेजी ने एक दिन में आई पैनिक को खत्म कर दिया।
