भूटान की गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी में 108 बौद्ध स्तूपों का अद्भुत निर्माण
गेलेफू में ऐतिहासिक समारोह का आयोजन
भूटान के दक्षिणी क्षेत्र में स्थित गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी में 1 नवंबर को एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर लगभग नौ घंटे के भीतर 108 बौद्ध स्तूपों का निर्माण किया गया। यह परियोजना भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक की दृष्टि से विकसित की गई है, जो देश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को ध्यान में रखती है। इस समारोह का एक महत्वपूर्ण पहलू यह था कि इनमें से एक स्तूप भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को समर्पित किया गया।
भारत की ओर से केंद्रीय मंत्री की उपस्थिति
इस कार्यक्रम में भारत की तरफ से केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू शामिल हुए। उन्होंने इसे भारत के लिए गर्व का क्षण बताया और कहा कि यह समर्पण दोनों देशों के बीच की मित्रता और विश्वास को दर्शाता है। इस आयोजन में बौद्ध परंपरा से जुड़े विभिन्न धर्मगुरु और विश्वभर से आए श्रद्धालु भी शामिल हुए।
गेलेफू शहर का विकास और पहचान
गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी भूटान की एक महत्वाकांक्षी विकास योजना है। इसे एक ऐसे आधुनिक शहर के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां आर्थिक गतिविधियों के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और नागरिकों की खुशहाली को भी प्राथमिकता दी जाएगी। इस शहर का डिज़ाइन डेनमार्क के एक वास्तुकार द्वारा तैयार किया जा रहा है। यह शहर भारत की सीमा के निकट दक्षिणी भूटान में स्थित है और इसकी राजधानी थिम्पू से दूरी लगभग 240 किलोमीटर है। वर्तमान में यहां की जनसंख्या लगभग दस हजार है।
108 स्तूपों का धार्मिक महत्व
इस परियोजना के तहत बनाए गए स्तूपों को स्थानीय भाषा में 'जांगजूब चोर्टेन' कहा जाता है। बौद्ध परंपरा में, ये स्तूप ज्ञान और बुद्धत्व के प्रतीक माने जाते हैं। सभी 108 स्तूप आई नदी के किनारे लगभग 11.7 किलोमीटर के दायरे में स्थापित किए गए हैं। प्रत्येक स्तूप की ऊंचाई लगभग 15 मीटर है, और इनके बीच की दूरी 108 मीटर निर्धारित की गई है। इस कार्य को पूरा करने के लिए बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों ने योगदान दिया।
प्रधानमंत्री मोदी को समर्पित स्तूप पर आभार
इस समारोह में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भारत का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा किए गए संदेश में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को समर्पित स्तूप भारत के लिए एक विशेष सम्मान है। उन्होंने इसे भारत-भूटान मित्रता के प्रति प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया। रिजिजू ने भूटान के राजा, महारानी, और प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे की उपस्थिति में प्रार्थना की।
परंपरा और विकास का संगम
गेलेफू परियोजना भूटान की उस सोच को दर्शाती है, जिसमें आधुनिक शहरी विकास को स्थानीय संस्कृति और प्रकृति के साथ जोड़ा जा रहा है। 108 स्तूपों की स्थापना इसी दृष्टिकोण का प्रतीक है। प्रधानमंत्री मोदी को समर्पित एक स्तूप के कारण इस आयोजन को भारत-भूटान संबंधों का सांस्कृतिक और कूटनीतिक महत्व भी प्राप्त हुआ है।
