मानसून की रफ्तार तेज, उत्तर भारत में बारिश की संभावना
मानसून का प्रभाव बढ़ता जा रहा है
जल्द ही मध्य भारत में मानसून का प्रभाव बढ़ेगा, उत्तर भारत में बारिश की संभावना
नई दिल्ली : देश में मौसम में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है। पिछले दो हफ्तों से धीमी गति से चलने के बाद, दक्षिण-पश्चिम मानसून ने फिर से गति पकड़ ली है और मध्य भारत की ओर तेजी से बढ़ रहा है। भारतीय मौसम विभाग के अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि मानसून अब पूरी ताकत के साथ मध्य क्षेत्रों की ओर बढ़ रहा है। इससे खरीफ फसलों की बुआई में तेजी आएगी और उत्तर-मध्य भारत को गर्मी से राहत मिलेगी।
राज्यों में धूल भरी आंधी का प्रकोप
मानसून ने महाराष्ट्र, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों को कवर कर लिया है, और कर्नाटक के अन्य क्षेत्रों में भी पहुंच गया है। अगले 48 घंटों में, मुंबई सहित महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों, तेलंगाना, ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के कुछ क्षेत्रों में मानसून आगे बढ़ने की संभावना है।
पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, झारखंड, छत्तीसगढ़ और दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में 40-81 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी तूफान ने कहर बरपाया। पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य महाराष्ट्र और विदर्भ के कुछ क्षेत्रों में भीषण गर्मी का सामना करना पड़ा। झारखंड में पिछले 24 घंटों में बारिश के दौरान बिजली गिरने से 11 लोगों की जान चली गई।
हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में बारिश का दौर
हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में, जैसे रोहतांग दर्रा और पांगी की ऊंची चोटियों पर सोमवार को बर्फबारी हुई। कुल्लू और चंबा जिलों में भारी बारिश हुई, और कुछ स्थानों पर ओले भी गिरे। चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी में बारिश और अंधड़ चला। हालांकि, ऊना में तापमान 35.4 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म रहा।
जम्मू-कश्मीर के बारामुला जिले के कंडी क्षेत्र में रविवार रात अचानक बादल फटने से बाढ़ आ गई, जिससे कई इलाके जलमग्न हो गए। हालांकि, जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। कश्मीर घाटी में सुबह तेज धूप थी, लेकिन दोपहर में बादल छा गए और तूफानी बारिश शुरू हो गई।
