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मास्को पर यूक्रेन का बड़ा ड्रोन हमला: पुतिन के चुनावी माहौल पर छाया संकट

रूस में संसदीय चुनाव के अंतिम दिन, मास्को पर यूक्रेन द्वारा एक बड़ा ड्रोन हमला हुआ, जिससे शहर में हड़कंप मच गया। इस हमले ने एक प्रमुख ऑयल रिफाइनरी को गंभीर नुकसान पहुंचाया और दो लोगों की मौत की खबर है। जेलेंस्की ने इस कार्रवाई को रूस की युद्ध मशीन को अरबों डॉलर की वित्तीय सहायता से वंचित करने के रूप में बताया। पुतिन के लिए यह हमला चुनावी माहौल पर गंभीर सवाल खड़े करता है। जानें इस हमले के पीछे की पूरी कहानी और इसके संभावित प्रभाव।
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मास्को में हुआ भयानक ड्रोन हमला


नई दिल्ली: रूस में तीन दिवसीय संसदीय चुनाव के अंतिम दिन, राजधानी मास्को पर एक बड़ा ड्रोन हमला हुआ। यूक्रेन द्वारा एक हजार से अधिक ड्रोन दागे जाने के कारण पूरा शहर दहल उठा। इस हमले ने मास्को की एक प्रमुख ऑयल रिफाइनरी को गंभीर नुकसान पहुंचाया, जिससे वहां भीषण आग लग गई। आसमान में धुएं का काला गुबार फैल गया और धमाकों की आवाज से पूरा इलाका गूंज उठा। इस हमले में दो लोगों की मौत की सूचना है। हालांकि, रूसी अधिकारियों ने यूक्रेन पर सीधा आरोप लगाया है, लेकिन कीव ने इस पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। जेलेंस्की ने कहा कि इस कार्रवाई का रूस पर गहरा प्रभाव पड़ा है।


रूसी युद्ध मशीन को हुआ बड़ा नुकसान

जेलेंस्की ने बताया कि इस हमले में रूस के एक महत्वपूर्ण तेल उद्योग और लॉजिस्टिक्स केंद्र को निशाना बनाया गया, जो रूसी युद्ध मशीन को अरबों डॉलर की वित्तीय सहायता प्रदान करते थे। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई में FP-1, RZ-100, MICH-2000, Palianytsia, Vendetta, Liutyi, Bars, Flamingo, Sichen और Pelican जैसे अत्याधुनिक ड्रोन सिस्टम का उपयोग किया गया।


यूक्रेन ने दागे 1000 से अधिक ड्रोन

जेलेंस्की ने इस सफल अभियान के लिए अपनी सुरक्षा सेवा, मानव रहित प्रणाली बल, विशेष अभियान बल, रक्षा खुफिया और विदेश खुफिया सेवा के जवानों का आभार व्यक्त किया। इसके अलावा, उन्होंने बताया कि वोरोनिश क्षेत्र में भी एक ठिकाने को निशाना बनाया गया है। जेलेंस्की ने मास्को को युद्ध समाप्त कर शांति का रास्ता अपनाने की सलाह दी, यह कहते हुए कि ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में तनाव कम करने के विकल्प मौजूद हैं, लेकिन इसके लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति की आवश्यकता है।




पुतिन के लिए चुनावी माहौल में बड़ा झटका

यह विनाशकारी हमला उस समय हुआ जब रूस में स्टेट ड्यूमा यानी संसदीय चुनाव के लिए तीन दिनों से चल रही वोटिंग का रविवार को अंतिम दिन था। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इस चुनाव को यूक्रेन युद्ध के प्रति जनता के समर्थन और अपनी नीतियों की परीक्षा के रूप में प्रस्तुत किया था। हालांकि, चुनाव में सत्ताधारी 'यूनाइटेड रशिया' पार्टी का वर्चस्व कायम रहने की उम्मीद जताई जा रही है, लेकिन मतदान के अंतिम दिन मास्को पर हुए इस हमले ने रूस की सुरक्षा व्यवस्था और चुनावी माहौल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।