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मोरक्को से स्पेन में घुसपैठियों की बाढ़: स्थिति गंभीर

मोरक्को से स्पेन के सेउटा में घुसपैठियों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है, जिससे स्थिति गंभीर हो गई है। लगभग 60,000 लोग स्पेन में दाखिल हो चुके हैं, जिनमें से कई की जान जा चुकी है। प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने स्थिति का जायजा लिया और सुरक्षा बढ़ाने का आश्वासन दिया। यूरोप के अन्य देशों ने भी इस संकट पर प्रतिक्रिया दी है। जानें इस संकट के पीछे के कारण और स्पेन के सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले का प्रभाव।
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सेउटा में घुसपैठियों की संख्या में वृद्धि

उत्तरी अफ्रीका के मोरक्को से स्पेन के सेउटा में घुसपैठियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। अब तक लगभग 60,000 लोग स्पेन में प्रवेश कर चुके हैं, जिनमें से 43 की जान जा चुकी है। अधिकारियों के अनुसार, इनमें से कई की मौत पानी में डूबने से हुई है, जबकि कुछ की जान भगदड़ के कारण गई। यह संख्या सेउटा की कुल जनसंख्या का लगभग 70 प्रतिशत है, जिससे स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई है। स्पेन ने इस एन्क्लेव में सेना तैनात करने का निर्णय लिया है, और प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज को स्थिति का जायजा लेने के लिए दौरा करना पड़ा।


सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो

सोशल मीडिया पर कई वीडियो सामने आए हैं, जिनमें भीड़ सेउटा में प्रवेश करती दिखाई दे रही है। इस भीड़ में अधिकांश लोग मोरक्को के हैं, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। कुछ युवक साइकिल लेकर आए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गुरुवार रात से घुसपैठियों का यह सिलसिला शुरू हुआ और शुक्रवार देर रात तक जारी रहा।


पेड्रो सांचेज का बयान

स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने शुक्रवार को सेउटा का दौरा किया और कहा कि स्थिति अप्रत्याशित है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार सेउटा की सुरक्षा मैड्रिड की तरह करेगी और प्रवासियों को जल्द वापस भेजा जाएगा। उन्होंने कहा, 'हमने मोरक्को के अधिकारियों से बात की है, और वे नागरिकों को उनके देश में वापस भेजने में मदद करने के लिए तैयार हैं।'


घुसपैठियों का घरों में घुसना

सेउटा में सुरक्षा बढ़ा दी गई है, जिसमें सेना और अतिरिक्त पुलिस बल शामिल हैं। शहर में पुलिस गश्त कर रही है। कुछ वीडियो में दिखाया गया है कि घुसपैठिये लोगों के घरों में घुसते नजर आ रहे हैं, जिससे स्थानीय लोग अपने घरों में कैद हो गए हैं। स्पेन के गृह मंत्रालय ने बताया कि शुक्रवार तक 25,000 लोगों को मोरक्को वापस भेजा जा चुका है।


मोरक्को में तनाव की स्थिति

मोरक्को की सीमा पर भी सुरक्षा बढ़ाई गई है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का उपयोग किया गया है, और सुरक्षाबलों और घुसपैठियों के बीच झड़पों की भी खबरें आई हैं। मोरक्को में सीमा के पास एक बस और सात जली हुई कारें हिंसा की स्थिति को दर्शाती हैं। पुलिस को भीड़ को काबू में करने के लिए हवाई फायरिंग करनी पड़ी।


यूरोप में अलर्ट

सेउटा से आ रही तस्वीरों ने पूरे यूरोप को सतर्क कर दिया है। इटली ने स्पेन के साथ शेंगेन मुक्त यात्रा क्षेत्र को निलंबित करने की चेतावनी दी है, जबकि फ्रांस ने सीमा पर कड़ी जांच का ऐलान किया है। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि सेउटा से आ रही तस्वीरें अस्वीकार्य हैं और तस्करी नेटवर्क को समाप्त करने की आवश्यकता है।


इटली का कड़ा रुख

इटली के प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने कहा कि इटली इस स्थिति को नजरअंदाज नहीं करेगा और सुरक्षा के लिए असाधारण उपाय करने को तैयार है, जिसमें स्पेन के साथ शेंगेन क्षेत्र को निलंबित करना भी शामिल है।


मोरक्को की भूमिका पर सवाल

एक बड़ा सवाल यह है कि 60,000 से अधिक लोगों की भीड़ मोरक्को तक कैसे पहुंची और मोरक्को की सीमा रक्षक बलों ने इसे क्यों नहीं रोका। स्पेन ने इस स्थिति का दोष मानव तस्करी समूहों पर डाला है।


सुप्रीम कोर्ट का फैसला

हाल ही में स्पेन के सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया था, जिसमें कहा गया था कि सेउटा या मेलिला तक समुद्र मार्ग से आने वाले प्रवासियों को तुरंत मोरक्को वापस नहीं भेजा जा सकता। प्रधानमंत्री सांचेज ने आरोप लगाया कि मानव तस्करी गिरोह ने इस फैसले की गलत व्याख्या की है।