यमन और गाज़ा में हालिया संघर्ष में बढ़ी हिंसा, WHO ने जारी किए आंकड़े
यमन में संघर्ष के ताज़ा आंकड़े
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने जानकारी दी है कि 19 से 26 सितंबर के बीच यमन में ईरान समर्थित हूथी विद्रोहियों और सरकारी बलों के बीच हुई लड़ाई में 164 लोगों की जान गई और 645 लोग घायल हुए। इस हिंसा के कारण 1,80,000 से अधिक लोग अपने घरों से विस्थापित हो गए हैं। संगठन ने बताया कि 6 अगस्त से अब तक कुल 4,481 लोग प्रभावित हुए हैं, जिनमें 838 की मौत हुई है। हाल ही में, हूथी लड़ाकों ने यमन के तट पर आगे बढ़ते हुए मोखा के महत्वपूर्ण बंदरगाह शहर और लाल सागर के रणनीतिक द्वीपों पर कब्जा कर लिया है। इन क्षेत्रों पर नियंत्रण से उन्हें बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य में जहाज़ों पर नज़र रखने और हमले करने की क्षमता मिल गई है, जो विश्व व्यापार का लगभग 12 प्रतिशत मार्ग है।
गाज़ा में इज़राइली हमले का असर
गाज़ा में शिफ़ा अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि एक इमारत की छत पर इज़राइली हमले में एक महिला की मौत हो गई, जबकि उसके पति और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गए हैं। गाज़ा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, पिछले एक साल में संघर्ष-विराम लागू होने के बाद से 1,400 से अधिक फ़िलिस्तीनी मारे गए हैं, जिनमें आधे से अधिक महिलाएँ और बच्चे शामिल हैं। इस बीच, वेस्ट बैंक में अटॉर्नी जनरल गाली बहाराव-मियारा ने E1 सेटलमेंट डेवलपमेंट प्रोजेक्ट को 27 अक्टूबर के चुनावों के बाद तक रोकने का आदेश दिया है, ताकि इसका उपयोग चुनाव प्रचार में न किया जा सके। इस परियोजना को अगस्त 2025 में मंजूरी मिली थी, और इसके तहत लगभग 3,000 घरों का निर्माण किया जाना है। आलोचकों का कहना है कि यह परियोजना वेस्ट बैंक के एक महत्वपूर्ण हिस्से को अलग कर देगी और फ़िलिस्तीनी राज्य की संभावनाओं को समाप्त कर देगी।
