यमन में मोखा पर हमले में सात की मौत, संघर्ष की स्थिति गंभीर
यमन में हालिया हमले का विवरण
यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार की सेना ने जानकारी दी है कि मोखा में हुए हमले में सात लोग मारे गए, जिनमें चार सैनिक और तीन आम नागरिक शामिल हैं। इस हमले में कम से कम 30 अन्य लोग घायल हुए हैं। एक समाचार चैनल के अनुसार, रविवार को मोखा पर हुए हमलों के एक पूर्व दौर में भी कम से कम 11 लोग अपनी जान गंवा चुके थे।
संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत ग्रंडबर्ग ने बताया कि ये ताज़ा हमले 2022 में हुए युद्धविराम के बाद से सैन्य गतिविधियों में सबसे तेज़ी के संकेत हैं, जिससे यमन में पूर्ण संघर्ष के फिर से शुरू होने का खतरा बढ़ गया है।
आम नागरिकों की सुरक्षा पर चिंता
ग्रंडबर्ग ने कहा कि अंसार अल्लाह के हालिया हमलों ने मोखा, मारिब और उसके आसपास के क्षेत्रों में आम नागरिकों को गंभीर खतरे में डाल दिया है। उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने और तनाव को कम करने के लिए ठोस उपायों पर काम करने का आग्रह किया।
उन्होंने यह भी कहा कि संघर्ष का स्थायी समाधान केवल एक समावेशी राजनीतिक प्रक्रिया के माध्यम से ही संभव है। तनाव का बढ़ना यमन को विपरीत दिशा में ले जा रहा है।
हमले के प्रभाव
सोमवार को यमनी सरकार की सेना के प्रवक्ता कर्नल माजिद अब्दुल्ला अल-नुज़ैली ने बताया कि हमले में अल-मोखा और उसके आसपास कई स्थानों को निशाना बनाया गया, जिसमें नागरिक बुनियादी ढांचा, आवासीय सुविधाएं, कार्यालय, बिजली उत्पादन केंद्र और सैन्य ठिकाने शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि इस हमले में चार सशस्त्र बलों के सदस्य और तीन आम नागरिक मारे गए, जबकि 30 लोग घायल हुए, जिनमें से अधिकांश आम नागरिक थे।
