यमन में संघर्ष की स्थिति और सऊदी अरब पर हमले की बढ़ती घटनाएँ
यमन में बढ़ता संघर्ष
यमन में हालात और भी गंभीर हो गए हैं। सरकारी बलों ने लाल सागर के निकट ईरान समर्थित हूथी विद्रोहियों पर आक्रमण किया, जबकि हूथियों ने सऊदी अरब पर हमले किए, जो यमनी सरकार का समर्थन करता है। यमनी प्रशासन ने बताया कि पिछले सप्ताह मोखा बंदरगाह और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य में एक द्वीप के नियंत्रण खोने के बाद, वह लाल सागर के तट पर और अधिक सैनिक भेजने की योजना बना रहा है। संयुक्त राष्ट्र की माइग्रेशन एजेंसी के अनुसार, सितंबर की शुरुआत से शुरू हुई लड़ाई के कारण 82,000 से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं।
हूथी हमलों का वैश्विक प्रभाव
सऊदी अरब के तेल बुनियादी ढांचे और रेड सी में शिपिंग पर हूथी हमलों के कारण, वैश्विक तेल आपूर्ति और कीमतों पर दबाव बढ़ गया है। खोखा शहर से भागने वाली एक महिला ने बताया कि जब वह आधी रात को वहां से निकल रही थी, तो पास में एक मोर्टार शेल गिरा, और इसके कुछ समय बाद हूथी विद्रोहियों ने शहर पर कब्जा कर लिया।
सुरक्षा चिंताएँ और चेतावनियाँ
उस महिला ने अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए नाम न बताने की शर्त पर कहा कि उसने अपनी आँखों से जलती हुई कारों और बसों को देखा और सड़क पर बच्चों और महिलाओं की लाशें पड़ी थीं। यह दृश्य अत्यंत भयानक था। सऊदी अधिकारियों ने रविवार को दक्षिणी शहर आभा और खमीस मुशैत में सायरन बजाकर लोगों को संभावित हमले से बचने के लिए सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी। हाल के हफ्तों में हूथी विद्रोहियों ने इन क्षेत्रों पर कई बार हमले किए हैं।
