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यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी गठबंधन के बीच बढ़ता संघर्ष

यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच संघर्ष में तेजी आई है। हाल ही में हूती लड़ाकों ने सऊदी अरब के कई शहरों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिसके जवाब में गठबंधन ने यमन में हवाई हमले किए। इस संघर्ष की पृष्ठभूमि और वर्तमान स्थिति को समझने के लिए पढ़ें।
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संघर्ष की तीव्रता

सना/रियाद: यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच हालात बिगड़ते जा रहे हैं। शनिवार को हूती लड़ाकों ने सऊदी अरब के विभिन्न शहरों में मिसाइल और ड्रोन हमलों का दावा किया। इसके जवाब में, गठबंधन ने यमन में हूतियों के कब्जे वाले क्षेत्रों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए, जिसमें कई लोगों के हताहत होने की सूचना है।


हमलों का विवरण

हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरिया के अनुसार, संगठन ने शनिवार को सात मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इन हमलों का लक्ष्य सऊदी अरब के रियाद, यानबू, रबीग, दम्माम, नजरान और खमीस मुशैत में स्थित हवाई अड्डे, तेल प्रतिष्ठान और सैन्य ठिकाने थे। सरिया ने बताया कि रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को दो चरणों में निशाना बनाया गया। यानबू में सऊदी अरामको के प्रतिष्ठानों और दम्माम के किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी हमले किए गए।


सऊदी गठबंधन की प्रतिक्रिया

सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने कहा कि उसने रियाद, ताइफ और यानबू की ओर दागी गई कई मिसाइलों को नष्ट कर दिया। पूर्वी प्रांत में एक ड्रोन को भी मार गिराया गया। सऊदी अरब के नागरिक सुरक्षा महानिदेशालय के अनुसार, रोकी गई दो मिसाइलों का मलबा मक्का और मदीना क्षेत्रों में गिरा। हालांकि, हूती संगठन ने इन पवित्र शहरों को निशाना बनाने के आरोपों को झूठा बताया।


युद्ध की पृष्ठभूमि

हूती संगठन ने कहा कि उनके हमले यमन में हूतियों के नियंत्रण वाले क्षेत्रों पर पिछले 24 घंटे में किए गए लगभग 100 सऊदी हवाई हमलों के जवाब में थे। इनमें राजधानी सना और ताइज प्रांत के मोखा शहर को भी निशाना बनाया गया। अल-मसीरा टीवी ने बताया कि सना प्रांत के हमदान जिले में एक सीमेंट फैक्टरी के कर्मचारियों के आवास पर हवाई हमला हुआ, जिसमें आठ लोगों की मौत हो गई और 10 से अधिक घायल हुए।


युद्ध का वर्तमान परिदृश्य

यमन में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार की सेनाएं सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के समर्थन से हूती विद्रोहियों के खिलाफ सैन्य अभियान चला रही हैं, जिसे 'डॉन ऑफ यमन' नाम दिया गया है। इसके जवाब में, हूती संगठन लगातार मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहा है। सरिया ने एक अन्य बयान में कहा कि हूती बलों ने अदन में सऊदी समर्थित सैन्य जमावड़े को निशाना बनाया।


संघर्ष का इतिहास

यमन में संघर्ष 2014 के अंत में शुरू हुआ, जब हूती विद्रोहियों ने राजधानी सना और उत्तरी क्षेत्रों पर कब्जा कर लिया। इसके बाद 2015 में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन सरकार के समर्थन में सैन्य हस्तक्षेप किया। तब से यह संघर्ष जारी है और हाल के हमले क्षेत्रीय तनाव को फिर से बढ़ा रहे हैं।