यमन में हूती सरकार का पाकिस्तान और तुर्की को चेतावनी: सऊदी अरब से दूर रहने की सलाह
हूती सरकार की सऊदी अरब के खिलाफ चेतावनी
नई दिल्ली: यमन में हूती सरकार ने पाकिस्तान और तुर्की को सऊदी अरब से दूरी बनाए रखने की सलाह दी है। हूती सरकार के कार्यवाहक विदेश मंत्री अब्दुलवाहिद अबू रास ने स्पष्ट किया कि इन दोनों देशों को सऊदी के साथ मिलकर यमन के खिलाफ संघर्ष में शामिल नहीं होना चाहिए। यह बयान तब आया है जब यह जानकारी सामने आई है कि पाकिस्तान सऊदी अरब के साथ मिलकर यमन में हूतियों के खिलाफ कार्रवाई कर सकता है।
पाकिस्तान को भारत का हवाला देकर दी गई चेतावनी
एक साक्षात्कार में जब अबू रास से पूछा गया कि पाकिस्तान के सऊदी अरब के करीब जाने पर उनका क्या विचार है, तो उन्होंने भारत का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, "भारत के खिलाफ संघर्ष में अंसारअल्लाह (हूती आंदोलन) पाकिस्तान के साथ खड़ा था। हम पाकिस्तान को एक इस्लामी मित्र देश मानते हैं और अच्छे संबंधों की आशा रखते हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "पाकिस्तान की आर्थिक समस्याएं हैं और भारत के साथ उसका टकराव जारी है। हम भारत के अहंकार के खिलाफ मजबूती से पाकिस्तान के साथ खड़े हैं। हम दुनिया में कहीं भी अपने मुस्लिम भाइयों के साथ हैं।"
पाकिस्तानी सेना की भूमिका पर चिंता
हूती नेता ने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर के नेतृत्व में पाक सेना यमन की लड़ाई से दूर रहेगी। इसके अलावा, अफगानिस्तान के साथ पाकिस्तान के विवाद पर उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच गहरे सामाजिक संबंध हैं और यह मुद्दा भाईचारे से हल होना चाहिए। हूती प्रमुख सैयद अब्दुल-मलिक अल-हूती ने भी कहा कि हम पाकिस्तान की उन सभी आवाजों की सराहना करते हैं जो यमन के खिलाफ युद्ध में पाकिस्तान की भागीदारी का विरोध कर रही हैं।
सऊदी अरब पर गंभीर आरोप
अबू रास ने सऊदी अरब पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सऊदी, तुर्की और पाकिस्तान को गलत युद्ध में शामिल करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा, "सऊदी पक्ष तुर्की और पाकिस्तान को फंसाने की कोशिश कर रहा है। यह नहीं है कि वह फिलिस्तीन को आजाद कराने के लिए उन्हें बुला रहा है। वह उन्हें यमन पर कब्जा करने और यमनी लोगों की हत्या करने के काम में फंसाना चाहता है।" अबू रास ने यह भी आरोप लगाया कि सऊदी सरकार आज गांवों और शहरों पर अंधाधुंध हमले कर नरसंहार कर रही है और चाहती है कि पाकिस्तान और तुर्की भी इन अपराधों में शामिल हों।
