रूस-यूक्रेन संघर्ष: पुतिन की बढ़ती ताकत और जेलेंस्की की चुनौतियाँ
रूस-यूक्रेन युद्ध की बदलती तस्वीर
रूस-यूक्रेन युद्ध में हालात तेजी से बदल रहे हैं। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की स्थिति मजबूत होती जा रही है, जबकि यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नाराजगी और सैन्य दबाव के कारण कमजोर होते नजर आ रहे हैं। रूस नए और घातक ड्रोन हमलों की योजना बना रहा है, जबकि जेलेंस्की और वॉशिंगटन के बीच टकराव यूक्रेन की स्थिति को और कठिन बना रहा है। ट्रंप ने जेलेंस्की की आलोचना की है और रूस के साथ समझौते की आवश्यकता पर जोर दिया है। इस संदर्भ में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यूक्रेन अपने सबसे महत्वपूर्ण सहयोगी का विश्वास खोकर पुतिन के सामने और कमजोर हो जाएगा और अंततः आत्मसमर्पण कर देगा?
वैश्विक शक्ति-समीकरण में युद्ध का प्रभाव
रूस-यूक्रेन युद्ध अब वैश्विक शक्ति-समीकरण की एक महत्वपूर्ण लड़ाई बन चुका है। रूस अपनी मारक क्षमता को तेजी से बढ़ा रहा है, जबकि यूक्रेन को अमेरिका के साथ टकराव का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही में, यूक्रेन ने रूस के रियाजान क्षेत्र में रोसनेफ्ट की तेल रिफाइनरी पर ड्रोन हमला किया, जो रूस की कुल रिफाइनिंग क्षमता का लगभग पांच प्रतिशत है। क्षेत्रीय गवर्नर पावेल माल्कोव ने हमले के बाद रिफाइनरी में आग लगने की पुष्टि की। यह हमला ट्रंप द्वारा घोषित ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले रोकने की पहल से यूक्रेन के पीछे हटने का संकेत है।
जेलेंस्की की स्थिति और ट्रंप की आलोचना
राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने स्पष्ट किया है कि यूक्रेन का धैर्य समाप्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि अब रूसी रिफाइनरियों पर हमले रोकने की पाबंदी खत्म हो गई है। ट्रंप ने इस कदम को 'शर्मनाक' बताया और कहा कि इससे वैश्विक तेल और ईंधन की कीमतें बढ़ रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें जेलेंस्की से बातचीत करना कठिन लगता है, जबकि पुतिन से निपटना आसान है। यह बयान वॉशिंगटन और कीव के बीच प्राथमिकताओं में गहरी खाई का संकेत है।
सैन्य संचार में विवाद
रूस-यूक्रेन संघर्ष में सैन्य संचार को लेकर गंभीर विवाद उत्पन्न हो गया है। जेलेंस्की ने आरोप लगाया कि स्टारलिंक सिस्टम की क्षमताओं पर लगी सीमाएं नीतिगत निर्णय थीं। एलन मस्क ने कहा कि स्टारलिंक सिस्टम अमेरिकी सरकार के नियंत्रण में हैं। यूक्रेनी अधिकारियों ने यह भी कहा है कि उन्हें आने वाली रूसी मिसाइलों के बारे में चेतावनियां समय पर नहीं मिलीं।
पुतिन की नई रणनीति
जबकि कीव और वॉशिंगटन के बीच दरार बढ़ रही है, रूस अपनी सैन्य ताकत को नई दिशा दे रहा है। उपग्रह चित्रों के अनुसार, रूस के रोस्तोव क्षेत्र में एक बड़ा ड्रोन लॉन्चिंग अड्डा लगभग छह सप्ताह में तैयार हो रहा है। यह अड्डा जेरान-4 और जेरान-5 जेट ड्रोन को संचालित करने में सक्षम होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह अड्डा 24 घंटे में 100 से अधिक ड्रोन लॉन्च करने की क्षमता रखता है।
नाटो के लिए खतरा
रूस की यह तैयारी केवल यूक्रेन के लिए चिंता का विषय नहीं है। यूरोपीय सरकारें मॉस्को पर साइबर हमलों और ड्रोन घुसपैठ का आरोप लगा रही हैं। रूस ने चेतावनी दी है कि यदि नाटो ने उसके कालिनिनग्राद क्षेत्र को अलग-थलग करने की कोशिश की, तो वह परमाणु हथियारों का इस्तेमाल कर सकता है।
जेलेंस्की की चुनौतियाँ
जेलेंस्की के लिए सबसे बड़ा खतरा अमेरिकी समर्थन का कमजोर होना है। ट्रंप की आलोचनाएँ और ऊर्जा युद्धविराम पर दबाव यूक्रेन की सैन्य स्थिति को प्रभावित कर सकते हैं। यूरोप के लिए भी यूक्रेन को अकेले संभालना आसान नहीं होगा।
