रूस-यूक्रेन संघर्ष में नया हमला: डेनिप्रो रेलवे स्टेशन पर 13 की मौत
रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध
नई दिल्ली: रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध में कोई कमी नहीं आ रही है। हाल ही में, रूसी ड्रोन ने डेनिप्रो रेलवे स्टेशन पर खड़ी दो ट्रेनों को निशाना बनाया, जिससे 13 लोगों की जान चली गई और 10 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने इस हमले की पुष्टि करते हुए रूस की कड़ी आलोचना की।
जेलेंस्की की प्रतिक्रिया
जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि डेनिप्रो स्टेशन पर रूस का यह हमला बेहद भयानक है। उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद स्थिति और भी बिगड़ गई है और तनाव में कोई कमी नहीं आई है।
ट्रंप के फैसले पर सवाल उठाते हुए
जेलेंस्की ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर भी अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब से रूस पर तेल सप्लाई के प्रतिबंधों में ढील दी गई है, तब से मॉस्को के हमले बढ़ गए हैं। उन्होंने अपील की कि जब तक युद्ध जारी है, रूस और उसकी सैन्य गतिविधियों पर लगे प्रतिबंधों में कोई ढील नहीं दी जानी चाहिए। अमेरिका और यूरोप को रूस की आक्रामकता का ठोस जवाब देना होगा।
ज्ञात हो कि ट्रंप ने वैश्विक डीजल कीमतों को नियंत्रित करने के लिए रूस के साथ एक समझौता किया था, जिसके तहत कुछ प्रतिबंधों को अस्थायी रूप से हटा दिया गया था। यूक्रेन ने इस निर्णय का विरोध किया था, लेकिन ट्रंप ने अपने फैसले पर कायम रहते हुए रूस से डीजल सप्लाई शुरू कर दी।
यूरोप और G7 से नए प्रतिबंधों की मांग
जेलेंस्की ने एक बार फिर यूरोपीय संघ और G7 देशों से रूस पर नए और कड़े प्रतिबंध लगाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि रूस पर दबाव बढ़ाया जाए। शुरुआत में यूरोप और अमेरिका ने यूक्रेन की खुलकर सहायता की थी, लेकिन ट्रंप के सत्ता में आने के बाद स्थिति बदल गई। अमेरिका ने यूक्रेन युद्ध का खर्च नाटो देशों पर डाल दिया, जबकि यूरोपीय देशों ने रूसी संपत्तियों को जब्त कर यूक्रेन की मदद की।
इस बीच, ईरान युद्ध और होर्मुज जलसंधि के बंद होने की आशंका के कारण कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं, जिससे यूरोप की अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है और महंगाई के खिलाफ लोग सड़कों पर उतर आए हैं। यूक्रेन युद्ध के समाप्त होने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं।
