लाल सागर में बढ़ता खतरा: ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों का कब्जा
लाल सागर के रास्ते पर नया संकट
ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष के बीच, अब लाल सागर के मार्ग पर भी खतरे की स्थिति उत्पन्न हो गई है। ईरान के समर्थन से चल रहे हूती विद्रोहियों ने यमन के महत्वपूर्ण मोखा बंदरगाह पर नियंत्रण का दावा किया है। ये विद्रोही अब बाब अल-मंडेब जलमार्ग के निकट पहुँच चुके हैं, जो लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है। यह मार्ग यूरोप और एशिया के समुद्री व्यापार के लिए और खाड़ी से आने वाले तेल के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। होर्मुज जलमार्ग के बंद होने के बाद इस रूट की महत्वता और भी बढ़ गई है, क्योंकि दुनिया का 10% समुद्री व्यापार इसी मार्ग से संचालित होता है.
पेरिम द्वीप की रणनीतिक स्थिति
हूती विद्रोही पेरिम द्वीप पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। यह द्वीप बाब अल-मंडेब के सबसे संकरे हिस्से के निकट स्थित है और लाल सागर के मार्ग के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी है। इसके नियंत्रण से जहाजों को रोकना आसान हो जाएगा, जिससे व्यापार पर प्रभाव पड़ेगा.
पाकिस्तान की बढ़ती सक्रियता
इस घटनाक्रम में पाकिस्तान की भूमिका भी अचानक बढ़ गई है। पाकिस्तानी सेना के प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने हाल ही में ईरान के शीर्ष नेताओं से संपर्क किया और सऊदी अरब पर हुए हालिया हूती हमलों के संदर्भ में बातचीत की। यह कूटनीतिक गतिविधि उस समय हुई जब पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने रियाद और यमन के विद्रोही गुटों के बीच बढ़ते तनाव का उल्लेख करते हुए नए 'मक्का रक्षा समझौते' को लागू करने की चेतावनी दी थी.
