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वेनेजुएला में भूकंप: प्राकृतिक आपदा ने मचाई तबाही, 188 लोगों की मौत

वेनेजुएला में हाल ही में आए भूकंप ने देश में भारी तबाही मचाई है, जिसमें 188 लोगों की जान चली गई है और 1,500 से अधिक लोग घायल हुए हैं। कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने आपातकाल की घोषणा की है। भूकंप का केंद्र मोरोन के पास था, और इसका सबसे अधिक असर तटीय प्रांत ला गुएरा में देखा गया। राहत कार्य जारी है, जबकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने मदद का आश्वासन दिया है। जानें इस संकट की पूरी कहानी और राहत प्रयासों के बारे में।
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वेनेजुएला में भूकंप की तबाही


नई दिल्ली: वेनेजुएला में हाल ही में आई प्राकृतिक आपदा ने देश को हिला कर रख दिया है। बुधवार की शाम, उत्तरी क्षेत्र में एक मिनट के भीतर दो शक्तिशाली भूकंप आए, जिससे व्यापक तबाही हुई। अब तक 188 लोगों की जान जाने की पुष्टि हो चुकी है और 1,500 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं। कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने आपातकाल की स्थिति घोषित कर दी है।


भूकंप की तीव्रता


अधिकारियों के अनुसार, पहले भूकंप की तीव्रता 7.2 मापी गई, जिसका केंद्र राजधानी काराकस से 170 किलोमीटर दूर मोरोन के पश्चिम में 22 किलोमीटर की गहराई पर था। इसके एक मिनट बाद, 7.5 तीव्रता का दूसरा भूकंप आया, जो मोरोन से 16 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में केवल 10 किलोमीटर की गहराई पर था।


प्रभावित क्षेत्र


इस भूकंप का सबसे अधिक असर तटीय प्रांत ला गुएरा में देखा गया है। यहां का मुख्य अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे राहत सामग्री का आना मुश्किल हो गया है। शहर की मेट्रो और गैस लाइनों में भी बाधा उत्पन्न हो गई है।


बचाव कार्य


प्रभावित क्षेत्रों में लोग मदद के लिए चीख रहे हैं। बचाव दल भारी सीमेंट के स्लैब को काटकर लोगों और जानवरों को निकालने का प्रयास कर रहे हैं। सरकारी टीवी पर दिखाए गए दृश्य में एक महिला को मलबे से जिंदा निकाला गया, जबकि उसका केवल एक पैर ही दिखाई दे रहा था। स्थानीय लोगों का प्रशासन के प्रति गुस्सा बढ़ता जा रहा है। एक महिला, डायना डेलगाडो, जो अपने 8 साल के लापता बेटे की तलाश में हैं, ने कहा, "सरकार की भारी मशीनरी कहां है? हमारे पड़ोसी अपने हाथों से पत्थरों को हटा रहे हैं।" अस्पतालों के बाहर लोग स्ट्रेचरों पर लेटे हुए इलाज का इंतजार कर रहे हैं।


अंतरराष्ट्रीय सहायता


इस संकट के समय में अंतरराष्ट्रीय समुदाय वेनेजुएला के साथ खड़ा है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है, जिसके लिए राष्ट्रपति रोड्रिगेज ने भारत का आभार व्यक्त किया है। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी बचाव दल और चिकित्सा संसाधन भेजने की पुष्टि की है। कतर, मैक्सिको और अल साल्वाडोर की बचाव टीमें वेनेजुएला के लिए रवाना हो चुकी हैं। इस बीच, देश के सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं और उन्हें अस्थायी राहत शिविरों में परिवर्तित किया जा रहा है। लापता हजारों लोगों की खोज के लिए बचाव अभियान तेजी से जारी है।