शशि थरूर और अनुपम खेर का अमेरिका में हेल्थ चेकअप: क्या है विवाद का कारण?
कैलिफोर्निया में स्वास्थ्य जांच
नई दिल्ली: कांग्रेस के सांसद शशि थरूर और अभिनेता अनुपम खेर इन दिनों अमेरिका में हैं। दोनों ने बेवर्ली हिल्स स्थित एक मेडिकल इमेजिंग क्लिनिक में फुल बॉडी स्कैन कराया। थरूर ने इस प्रक्रिया की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की, जिसके बाद उन्हें कई आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। कुछ यूजर्स ने इसे भारत के स्वास्थ्य प्रणाली पर अविश्वास का संकेत बताया, जबकि अन्य ने इसे 'भारत के एलीट क्लास' की प्रवृत्ति करार दिया, जो स्वास्थ्य जांच के लिए विदेश जाते हैं।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएँ
अनुराधा तिवारी ने सुझाव दिया कि सांसदों और मंत्रियों को केवल सरकारी अस्पतालों में इलाज कराना चाहिए, ताकि वे आम जनता के अनुभव को समझ सकें। डॉक्टर दीपक कृष्णमूर्ति ने इसे विडंबना बताया कि कांग्रेस और बीजेपी दोनों के नेता अमेरिका में स्वास्थ्य जांच करवा रहे हैं। डॉ. सुधीर कुमार ने कहा कि भारत में भी फुल बॉडी स्कैन की सुविधाएँ उपलब्ध हैं, चाहे वह सरकारी हों या निजी। डॉ. भूषण शुक्ला ने सवाल उठाया कि अगर भारत में यह सुविधा है, तो आम लोग किस चीज़ से वंचित हैं। एक यूजर ने यह भी कहा कि हेल्थकेयर सिस्टम की बुनियादी समस्याएँ अभी भी हल नहीं हुई हैं।
थरूर का स्पष्टीकरण
So wonderful to meet to meet you my friend dearest @ShashiTharoor in LA. You forgot to mention that you are in LA primarily for #JaipurLiteraturefestivalLA and I am here to perform my play #JaanePehchaaneAnjane! Going to Dr. Puneet’s clinic was a bonus. Thanks to his generosity.… https://t.co/EYaeo8Qz7S
— Anupam Kher (@AnupamPKher) September 17, 2026
आलोचनाओं के बीच, शशि थरूर ने अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा, "भारत की तुलना में लॉस एंजेलेस में मेरे लिए चार घंटे निकालना आसान था। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि क्लिनिक के मालिक पुनीत चंडक भारतीय हैं और उन्होंने हमें मेहमान के रूप में आमंत्रित किया था।" थरूर ने बताया कि चंडक परिवार बहुत मिलनसार है और उनका रेस्टोरेंट स्पाइस अफेयर भी बेवर्ली हिल्स में है। क्लिनिक में नवीनतम उपकरणों से सभी प्रकार के स्कैन की सुविधा एक ही स्थान पर उपलब्ध है, और वह भी केवल चार घंटे में। कुल मिलाकर, थरूर और खेर का अमेरिका में स्वास्थ्य जांच कराना सोशल मीडिया पर एक बड़ा मुद्दा बन गया है। आलोचकों ने इसे भारतीय स्वास्थ्य प्रणाली पर अविश्वास बताया, जबकि थरूर ने इसे समय और सुविधा का मामला बताया।
