शी जिनपिंग का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर वैश्विक सहयोग का आह्वान
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने शंघाई में एक सम्मेलन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विकास के लिए वैश्विक सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि AI का विकास केवल एक देश की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह सभी देशों का सामूहिक प्रयास होना चाहिए। 29 देशों ने 'वर्ल्ड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कोऑपरेशन ऑर्गनाइज़ेशन' के गठन के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिससे AI के विकास में चीन की भूमिका और बढ़ गई है। शी ने AI के सकारात्मक उपयोग और मानवता के कल्याण के लिए इसके विकास की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला।
| Jul 17, 2026, 19:14 IST
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विकास में वैश्विक सहयोग की आवश्यकता
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने शुक्रवार को कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का विकास किसी एक देश की अकेली उपलब्धि नहीं होनी चाहिए, बल्कि यह वैश्विक सहयोग का परिणाम होना चाहिए। शंघाई में 2026 वर्ल्ड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन के दौरान उन्होंने बताया कि AI तेजी से विकसित हो रहा है और इसे इस तरह से आगे बढ़ाना चाहिए कि यह मानवता के लिए लाभकारी हो। यह टिप्पणी तब आई जब 29 देशों ने शंघाई में 'वर्ल्ड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कोऑपरेशन ऑर्गनाइज़ेशन' के गठन के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। यह एक स्वतंत्र अंतर-सरकारी अंतरराष्ट्रीय संगठन होगा, जिसका मुख्यालय शंघाई में होगा। इस पहल ने AI के विकास और प्रबंधन में चीन की अंतरराष्ट्रीय भूमिका को मजबूत किया।
शी ने कहा कि AI के विकास की गति को देखते हुए, यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि इसका उपयोग मानवता के कल्याण के लिए किया जाए। उन्होंने कई महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए, जिनका उत्तर अंतरराष्ट्रीय समुदाय को देना चाहिए। उन्होंने कहा, "हमें यह तय करना होगा कि सोचने वाली मशीनों के साथ कैसे तालमेल बैठाना है? जब कोई एल्गोरिदम निर्णय लेने में शामिल हो, तो सुरक्षा कैसे सुनिश्चित करें? तकनीकी नैतिकता की चुनौतियों का सामना कैसे करें?" इन मुद्दों पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा कि सभी देशों को AI के विकास में मानवता को प्राथमिकता देनी चाहिए।
शी ने यह भी बताया कि अगले पांच वर्षों में, चीन विकासशील देशों में AI के विकास में सहायता करेगा। इसमें 'एसोसिएशन ऑफ़ साउथईस्ट एशियन नेशंस' (ASEAN), अरब लीग, शंघाई सहयोग संगठन, अफ़्रीकी संघ, लैटिन अमेरिका और BRICS देशों के सदस्य शामिल हैं। चीन 5,000 AI अनुसंधान परियोजनाओं, प्रशिक्षण, सेमिनार कार्यक्रमों और सहयोग केंद्रों की पेशकश करेगा। इससे पहले, सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, 29 देशों ने 'वर्ल्ड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कोऑपरेशन ऑर्गनाइज़ेशन' के गठन के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते में कज़ाकिस्तान, लाओस, पाकिस्तान, रूस और इंडोनेशिया जैसे देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। हस्ताक्षर समारोह में संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस भी उपस्थित थे। समझौते के अनुसार, यह संगठन संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों का पालन करेगा और लोगों के कल्याण के लिए सहयोग को बढ़ावा देगा।
