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सऊदी जहाजों पर हूती विद्रोहियों के हमले से बढ़ी चिंताएं

हाल ही में, यमन के हौथी विद्रोहियों ने सऊदी अरब के जहाजों पर मिसाइल हमला किया, जिससे चार क्रू मेंबर की मौत हो गई। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब सऊदी अरब का समुद्री व्यापार पहले से ही हॉर्मोस जलडमरूमध्य के बंद होने से प्रभावित है। जानें इस हमले का सऊदी अरब की सुरक्षा और तेल निर्यात पर क्या प्रभाव पड़ा है, और भविष्य में क्या चुनौतियाँ सामने आ सकती हैं।
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मक्का के नाम पर इस्लामिक नेटो का असफल प्रयास

मुस्लिमों के लिए मक्का एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है, और इसी नाम पर तीन देशों ने एक इस्लामिक नेटो गठित किया। हालांकि, यह गठबंधन तीन दिन भी नहीं चल सका। न तो पाकिस्तान हौथी हमलों का जवाब दे पा रहा है और न ही सऊदी अरब उनसे लड़ने में सक्षम है। हाल ही में, ईरान के निर्देश पर यमन के हौथी विद्रोहियों ने बाब अल मंडब क्षेत्र में सऊदी से जुड़े एक जहाज पर मिसाइल हमला किया। इस हमले में चार क्रू मेंबर मारे गए, जिनमें तीन पाकिस्तानी शामिल थे। इसके बावजूद, पाकिस्तान ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। रिपोर्ट के अनुसार, तंजानिया के झंडे वाला जहाज 'तियामा' ओमान के सलालाहा पोर्ट से जिबूती की ओर जा रहा था जब यह हमला हुआ।


सऊदी अरब की सुरक्षा पर खतरा

हौथी विद्रोहियों ने 20 जुलाई को सऊदी जहाजों की नाकेबंदी शुरू की थी, जिसके बाद से उन्होंने सऊदी से जुड़े आठ जहाजों पर हमले किए हैं। इनमें एनेसलिया, लयला, गज़ल और वफा जैसे जहाज शामिल हैं। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब हॉर्मोस जलडमरूमध्य बंद होने से सऊदी अरब का समुद्री व्यापार पहले से ही प्रभावित है। सऊदी ने पाकिस्तान और तुर्की के साथ एक रक्षा समझौता किया था, लेकिन हौथी विद्रोहियों के हमले के बाद पाकिस्तान ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।


हौथी विद्रोहियों के हमलों का प्रभाव

यह पहली बार है जब हौथी विद्रोहियों के हमले में किसी की जान गई है, जबकि इससे पहले भी कई हमले हुए हैं। इन हमलों का सीधा असर सऊदी अरब के तेल निर्यात पर पड़ा है, जिससे समुद्र में जहाजों की आवाजाही कम हो गई है। सुरक्षा चिंताओं के कारण कई जहाज रेड सी और स्विस कैनाल के रास्ते से बच रहे हैं। ईरान और सऊदी अरब यमन में युद्ध लड़ रहे हैं, और दोनों देश एक-दूसरे के खिलाफ गुटों का समर्थन कर रहे हैं।


भविष्य की चुनौतियाँ

हौथी विद्रोहियों ने 2023 और 2024 में भी रेड सी में कई जहाजों पर हमले किए थे, जिससे समुद्री यातायात प्रभावित हुआ था। वर्तमान में, हौथी विद्रोहियों के हमलों का प्रभाव इसलिए अधिक है क्योंकि दुनिया पहले से ही हॉर्मोस जलडमरूमध्य के बंद होने से जूझ रही है। ईरान हॉर्मोस में टोल वसूलने की कोशिश कर रहा है, जबकि यमन के हौथी विद्रोही रेड सी में व्यापारिक जहाजों पर शुल्क लगाने की योजना बना रहे हैं। हालांकि, इसे लागू करने की कोई निश्चित समय सीमा नहीं है।