सीरिया में बशर अल-असद को मानवता के खिलाफ अपराध के लिए मौत की सजा
सीरिया के पूर्व राष्ट्रपति पर फैसला
सीरिया के पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद को मानवता के खिलाफ अपराध और युद्ध अपराध के लिए मौत की सजा सुनाई गई है। यह निर्णय सीरियाई अदालत ने उनकी अनुपस्थिति में लिया। उनके छोटे भाई माहेर अल-असद, जो कि सीरियाई सेना के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी हैं, को भी इसी मामले में मौत की सजा दी गई है। इस संघर्ष में लगभग 5 लाख लोगों की जान गई है।
आतिफ नजीब को भी सजा
इस मामले में बशर अल-असद के मामा के बेटे आतिफ नजीब को भी मौत की सजा सुनाई गई है। नजीब 2011 में दारा प्रांत में पॉलिटिकल सिक्योरिटी ब्रांच के प्रमुख थे और उन्हें सरकार विरोधी प्रदर्शनों के खिलाफ कार्रवाई का जिम्मेदार ठहराया गया। दारा में शुरू हुआ यह विरोध प्रदर्शन बाद में एक लंबे गृहयुद्ध में बदल गया।
बच्चों के खिलाफ अपराध
अदालत ने बताया कि आतिफ नजीब ने 15 साल से कम उम्र के बच्चों की जानबूझकर हत्या की और उन्हें ऐसी यातनाएं दीं जिनसे उनकी मृत्यु हुई। इन अपराधों को मानवता के खिलाफ माना गया और नजीब को मौत की सजा सुनाई गई।
असद परिवार का शासन समाप्त
दिसंबर 2024 में विद्रोही गुटों के दमिश्क पहुंचने के बाद बशर अल-असद अपने परिवार के साथ सीरिया छोड़कर रूस चले गए। इस घटना के साथ ही असद परिवार का लगभग 50 साल पुराना शासन समाप्त हो गया। इसके बाद अहमद अल-शरा के नेतृत्व में एक नई सरकार का गठन हुआ।
सीरिया में संघर्ष का प्रभाव
असद परिवार ने सीरिया पर 50 साल से अधिक समय तक शासन किया। बशर अल-असद के खिलाफ 2011 में शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों ने एक लंबे और खूनी गृहयुद्ध का रूप ले लिया। इस संघर्ष में 5 लाख से अधिक लोगों की मौत हुई और लाखों लोगों को देश छोड़कर अन्य देशों में शरण लेनी पड़ी। असद शासन पर धार्मिक और सामुदायिक तनाव का उपयोग करने के आरोप भी लगे हैं। नई सरकार सभी समुदायों को राजनीतिक प्रक्रिया में शामिल करने का प्रयास कर रही है, लेकिन अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ हिंसा अभी भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
