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सुसान सरंडन और हन्ना आइबाइंडर की गिरफ्तारी: इजरायली पीएम नेतन्याहू के खिलाफ न्यूयॉर्क में प्रदर्शन

गुरुवार को न्यूयॉर्क में इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुआ, जिसमें हॉलीवुड अभिनेत्री सुसान सरंडन और हन्ना आइबाइंडर को गिरफ्तार किया गया। यह प्रदर्शन यहूदी शांति संगठन द्वारा आयोजित किया गया था, जिसमें प्रदर्शनकारियों ने इजरायल की नीतियों के खिलाफ नारे लगाए। इस दौरान, नेतन्याहू के भाषण के समय संयुक्त राष्ट्र महासभा में भी कई प्रतिनिधियों ने वॉकआउट किया। जानें इस घटनाक्रम के पीछे की पूरी कहानी।
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न्यूयॉर्क में इजरायली पीएम के खिलाफ प्रदर्शन


नई दिल्ली: गुरुवार को जब इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने विचार रख रहे थे, उसी समय न्यूयॉर्क की सड़कों पर उनके खिलाफ एक बड़ा प्रदर्शन हो रहा था। इस दौरान पुलिस ने हॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री सुसान सरंडन और 'हैक्स' की एक्ट्रेस हन्ना आइबाइंडर सहित कई प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया।


यह प्रदर्शन यहूदी शांति संगठन 'जूइश वॉयस फॉर पीस' द्वारा आयोजित किया गया था, जिसमें लोगों ने तख्तियों के साथ सड़कों पर धरना दिया। इन तख्तियों पर 'इजरायल को हथियार देना बंद करो' और 'नरसंहार खत्म करो' जैसे नारे लिखे गए थे। प्रदर्शनकारियों का गुस्सा नेतन्याहू सरकार की नीतियों और गाजा में चल रहे सैन्य अभियान के खिलाफ था।


सुसान सरंडन की गिरफ्तारी

एएफपी द्वारा जारी वीडियो में देखा जा सकता है कि न्यूयॉर्क पुलिस के अधिकारी सुसान सरंडन को हथकड़ी लगाकर ले जा रहे हैं। न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, हन्ना आइबाइंडर को भी प्रदर्शन स्थल से हिरासत में लिया गया। उल्लेखनीय है कि सरंडन गाजा युद्ध के मुद्दे पर पहले भी कई बार प्रदर्शन कर चुकी हैं और अपने विचारों को खुलकर व्यक्त करती रही हैं। हाल ही में वेनिस फिल्म फेस्टिवल में उन्होंने कहा था कि उनके बेबाक विचारों के कारण उन्हें फिल्म इंडस्ट्री में काम मिलना कठिन हो रहा है।


महासभा में भी विरोध

जब न्यूयॉर्क की सड़कों पर यह हंगामा चल रहा था, उसी समय संयुक्त राष्ट्र महासभा के भीतर भी नेतन्याहू के भाषण के दौरान कई देशों के प्रतिनिधियों ने वॉकआउट किया। अपने संबोधन में नेतन्याहू ने ब्रिटेन और फ्रांस जैसे देशों की आलोचना की, जिन्होंने हाल ही में फलस्तीन को एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता दी है।


उन्होंने कहा कि छोटे से इजरायल पर उपनिवेशवाद का आरोप लगाने वाले वही देश हैं, जिन्होंने इस शब्द को गढ़ा था। इस प्रकार गुरुवार का दिन नेतन्याहू के लिए एक कठिन चुनौती बन गया, जिसमें महासभा के अंदर कूटनीतिक विरोध और बाहर जनता का गुस्सा दोनों शामिल थे।