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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान का नया प्लान: क्या बढ़ेगा टोल और क्या होगा ग्लोबल मार्केट पर असर?

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान और ओमान के बीच टोल लगाने की योजना चर्चा में है, जो वैश्विक तेल बाजार को प्रभावित कर सकती है। ईरान का इरादा है कि वह वाणिज्यिक जहाजों से शुल्क वसूल करे, जिससे उसकी संभावित आय 100 अरब डॉलर से अधिक हो सकती है। इस कदम से जियो-पॉलिटिकल तनाव बढ़ने की आशंका है, जो तेल की कीमतों और शिपिंग लागत को प्रभावित कर सकता है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और इसके संभावित प्रभावों के बारे में।
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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ता तनाव


नई दिल्ली: दुनिया के प्रमुख समुद्री मार्गों में से एक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर तनाव फिर से बढ़ता नजर आ रहा है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच, ईरान इस जलडमरूमध्य पर अपने नियंत्रण को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ओमान के साथ एक समझौते पर बातचीत कर रहा है।


समझौते का विवरण

क्या है पूरा मामला?


स्ट्रेट ऑफ होर्मुज वह संकीर्ण जलमार्ग है, जहां से वैश्विक तेल का लगभग 20% हिस्सा गुजरता है। इस कारण यहां होने वाली हर गतिविधि वैश्विक बाजार को प्रभावित कर सकती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान और ओमान इस बात पर विचार कर रहे हैं कि होर्मुज से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों पर टोल लगाया जाए।


इसके लिए जहाजों को ईरानी जल क्षेत्र से गुजरना होगा। ईरान का इरादा है कि वह शिपिंग चार्ज वसूल करे। ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने IRNA को बताया कि जहाज दोनों दिशाओं में ईरानी क्षेत्रीय जल से गुजरेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका जून में हुए समझौते की शर्तों पर लौटने के लिए तैयार है।


टोल की संभावित राशि

कितना लगेगा टैक्स और कितनी कमाई


इस मामले में सबसे बड़ा सवाल वित्तीय पहलू का है। ईरान कथित तौर पर सामान की कीमत का 5% से 7% तक शुल्क लगाने पर जोर दे रहा है, जबकि ओमान ने 3% का प्रस्ताव रखा है। अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।


यदि 7% का टोल लागू होता है, तो यह आंकड़े चौंका देने वाले होंगे। अनुमान है कि ईरान प्रतिदिन लगभग 385 मिलियन डॉलर कमा सकता है, जिससे सालाना आय 100 अरब डॉलर से अधिक हो जाएगी।


यह राशि कई प्रमुख टेक और ऊर्जा कंपनियों की वार्षिक नेट आय के बराबर है। इतना ही नहीं, यह कमाई स्वेज नहर के अब तक के सबसे अधिक टोल राजस्व को भी पीछे छोड़ देगी।


ग्लोबल ट्रेड पर प्रभाव

ग्लोबल ट्रेड पर असर


रिपोर्ट के अनुसार, यह कदम जियो-पॉलिटिकल तनाव को और बढ़ा सकता है। यदि ऐसा होता है, तो तेल की कीमतें, बीमा कंपनियों के प्रीमियम और शिपिंग लागत पर प्रभाव पड़ेगा। वर्तमान में, होर्मुज से गुजरने पर कोई अंतरराष्ट्रीय टोल नहीं है।


हालांकि, यदि ईरान को नियंत्रण मिल जाता है, तो वह हर वाणिज्यिक जहाज से शुल्क वसूल करेगा। ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव में यह समझौता एक नया मोड़ ला सकता है। ओमान मध्यस्थता की भूमिका निभा रहा है, लेकिन अभी तक समझौता अंतिम रूप नहीं लिया गया है। दुनिया की नजरें अब इस बात पर हैं कि होर्मुज का अगला नियम क्या होगा।