स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नया समझौता: क्या होगा भविष्य?
जलमार्ग का महत्व
यदि सब कुछ सही रहा, तो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर जहाजों का आवागमन जल्द ही शुरू हो सकता है। ओमान और ईरान के बीच एक समझौते की संभावना बन रही है, जिसका ऐलान जल्द ही किया जा सकता है। यह जलमार्ग वैश्विक तेल और गैस के लगभग 20 प्रतिशत का परिवहन करता है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का इतिहास
28 फरवरी को शुरू हुई लड़ाई के बाद से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद था। 60 दिनों का सीजफायर हुआ, लेकिन अमेरिका ने इसे तोड़ दिया। इससे कच्चे तेल और गैस की वैश्विक आपूर्ति प्रभावित हुई, जिसके कारण कई देशों में ऊर्जा संकट उत्पन्न हुआ और कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू गईं।
भौगोलिक स्थिति
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज मध्य पूर्व में फारस की खाड़ी में स्थित एक संकरा जलमार्ग है। इसके एक ओर ईरान है, जबकि दूसरी ओर ओमान और संयुक्त अरब अमीरात हैं। यह जलमार्ग बंदर अब्बास के सामने स्थित है।
नए समुद्री गलियारे पर चर्चा
समझौते के तहत, ईरान और ओमान एक नए वाणिज्यिक जहाजरानी गलियारे पर बातचीत कर रहे हैं। हाल ही में कुछ जहाजों ने ओमान के तट के पास से गुजरने की कोशिश की, जिस पर ईरान ने हमला किया। ईरान का कहना है कि जहाजों को उसके निर्धारित मार्ग का पालन करना चाहिए। नए समझौते में दोनों देश एक नए जलमार्ग पर विचार कर रहे हैं। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने बातचीत की पुष्टि की है।
समझौते की विशेषताएँ
ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने समझौते के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जलमार्ग का अधिकांश हिस्सा ईरान के क्षेत्रीय जलक्षेत्र से गुजरेगा, जबकि कुछ हिस्सा ओमान के जलक्षेत्र में होगा। वर्तमान में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के अस्थायी मार्ग बंद रहेंगे। नए शिपिंग मार्गों का उपयोग दो से चार महीने या उससे अधिक समय तक किया जा सकता है।
ईरान की शक्ति
जब अमेरिका ने ईरान पर हमला किया, तो बहुत से लोगों ने सोचा कि तेहरान जल्दी ही ढह जाएगा। लेकिन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ने ईरान को अपनी ताकत दिखाने का अवसर दिया। ईरान की सेना ने इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को बंद कर अमेरिका को बातचीत के लिए मजबूर किया।
भविष्य की अनिश्चितता
सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या समझौते के बाद ट्रैफिक सामान्य हो जाएगा। ईरान ने कहा है कि यह अमेरिका की गतिविधियों पर निर्भर करेगा। यदि अमेरिका ने आक्रामकता दिखाई, तो यह द्विपक्षीय समझौता भी प्रभावित हो सकता है।
बातचीत में अमेरिका की अनुपस्थिति
इस समझौते की खास बात यह है कि बातचीत ओमान और ईरान के बीच हो रही है, जिसमें अमेरिका का कोई सीधा दखल नहीं है। यह स्पष्ट नहीं है कि यह समझौता स्थायी है या अस्थायी।
अमेरिका की प्रतिक्रिया
अमेरिका ने हमेशा कहा है कि होर्मुज पर ईरान का नियंत्रण नहीं होगा। यदि ईरान शुल्क लगाने की कोशिश करता है, तो अमेरिका ईरान पर हमला कर सकता है। इससे स्थिति और बिगड़ सकती है, क्योंकि ईरान ने स्पष्ट किया है कि जब तक अमेरिका उसकी नौसैनिक नाकाबंदी नहीं हटाएगा, तब तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज नहीं खुलेगा।
