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स्विट्जरलैंड में अमेरिका-ईरान वार्ता स्थगित, इजरायल पर बढ़ा दबाव

स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित वार्ता को स्थगित कर दिया गया है। उपराष्ट्रपति जेडी वैंस की बैठक में भाग लेने की योजना थी, लेकिन अब वह नहीं जाएंगे। इजरायल इस समझौते का विरोध कर रहा है, जबकि लेबनान में इजरायली सैनिकों पर हमले ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। ईरान में समझौते पर संदेह का माहौल है, और होर्मुज जलडमरूमध्य पर तनाव बढ़ने की संभावना है।
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स्विट्जरलैंड में अमेरिका-ईरान वार्ता स्थगित, इजरायल पर बढ़ा दबाव

अमेरिका और ईरान की वार्ता का स्थगन

स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित वार्ता को अब स्थगित कर दिया गया है। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वैंस को बर्गेनस्टॉक में होने वाली बैठक में शामिल होना था, लेकिन अब वह स्विट्जरलैंड नहीं जाएंगे। यह जानकारी स्विट्जरलैंड के विदेश मंत्रालय ने दी है। बताया जा रहा है कि दोनों देश 14 सूत्रीय मांगों को लागू करने के लिए गुप्त प्रस्ताव तैयार करने में लगे हुए हैं। समझौते को 60 दिनों के भीतर अंतिम रूप देना था, जिससे स्थायी युद्धविराम लागू हो सकता था।


इजरायल का विरोध और लेबनान पर हमले

इस बीच, इजरायल इस समझौते का विरोध कर रहा है, जबकि अमेरिका उस पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। प्रस्ताव के अनुसार, इजरायली सेना को लेबनान से पीछे हटना होगा, लेकिन इजरायल ने स्पष्ट किया है कि वह अपनी सेना को वापस नहीं बुलाएगा। हिजबुल्लाह का कहना है कि ईरान-अमेरिका समझौते का उपयोग इजरायली सेना को लेबनान से हटाने के लिए किया जाना चाहिए। हाल ही में लेबनान में इजरायली सैनिकों पर हुए घातक हमले ने इस समझौते को और भी खतरे में डाल दिया है.


लेबनान में इजरायल के सैनिकों की मौत

गुरुवार को, जेडी वैंस ने इजरायल की आलोचना की और कहा कि उसकी गतिविधियों के कारण समझौते में रुकावट आ रही है। अब, चार सैनिकों की मौत के बाद इजरायल ने लेबनान पर भीषण हमले शुरू कर दिए हैं, जिसमें अब तक 18 लोगों की जान जा चुकी है। टाइम्स ऑफ इजरायल की रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण लेबनान में चार आईडीएफ जवानों की मौत हुई है।


ईरान में संदेह का माहौल

ईरान अभी भी अमेरिका के साथ हुए समझौते पर विश्वास नहीं कर रहा है। ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने कहा कि उनकी राय अलग थी, फिर भी उन्होंने समझौते को मंजूरी दी। अन्य ईरानी नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका समझौते का उल्लंघन करता है, तो कड़ा जवाब दिया जाएगा। अस्थायी युद्धविराम समझौते के बाद अमेरिका ने ईरान की नाकेबंदी को समाप्त कर दिया है, लेकिन चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने समझौते का पालन नहीं किया, तो युद्ध फिर से शुरू हो सकता है।


होर्मुज जलडमरूमध्य पर तनाव

अमेरिका और ईरान के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर तनाव बढ़ सकता है। ईरान ने कहा है कि 60 दिनों तक कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा, इसके बाद हाल ही में गठित प्राधिकरण होर्मुज का प्रबंधन करेगा। ईरान की योजना है कि भविष्य में यहां से गुजरने वाले जहाजों से टोल लिया जाएगा, जबकि ट्रंप का दावा है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर टोल का खुलासा होगा।